Russia Ukraine War: यूक्रेन के राहत सामग्री केंद्र पर रूस का भीषण हमला, 24 की मौत; मोबाइल ऐप हैक कर फैलाया गया परमाणु हमले का खौफ
Russia Ukraine War: राहत सामग्री बांट रहे स्कूल पर दोहरा हवाई हमला और बेगुनाहों की दर्दनाक मौत! इसी बीच मोबाइल पर गूंजा परमाणु और रासायनिक हमले का फर्जी सायरन, जिससे लाखों लोगों में मच गई भगदड़। जानिए युद्ध के मैदान में तबाही और साइबर स्पेस में मचे इस खौफनाक तांडव की पूरी इनसाइड स्टोरी!
राहत वितरण केंद्र बने स्कूल पर दोहरा हमला
जपोरीजिया क्षेत्र में एक बार फिर भीषण तबाही देखने को मिली है। एक गांव में स्थित स्कूल भवन पर की गई बमबारी में कम से कम 24 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे दो सदस्य भी शामिल हैं। इस स्कूल का इस्तेमाल बेघर हुए लोगों के लिए राहत सामग्री बांटने और शरणस्थल (शेलटर) के रूप में किया जा रहा था। स्कूल भवन पर एक बार हवाई हमला होने के ठीक बाद दोबारा बम गिराए गए, ताकि राहत कार्य में लगे लोग भी इसकी चपेट में आ सकें। स्थानीय प्रशासन की ओर से कई लोगों के लापता होने की पुष्टि की गई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
साइबर युद्ध का कहर: इमरजेंसी ऐप हैक कर भेजा गया परमाणु अलर्ट
सैन्य हमलों के साथ-साथ साइबर वारफेयर (Cyber Warfare) भी बेहद खौफनाक मोड़ ले चुका है। इमरजेंसी अलर्ट ऐप को हैक कर लिया गया, जिसके बाद नागरिकों के मोबाइल और गैजेट्स पर ‘परमाणु और रासायनिक हमला’ होने की फर्जी चेतावनियां आने लगीं। ऐप पर प्रसारित संदेश में दावा किया गया कि घातक हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरेश्निक’ (Oreshnik) में परमाणु बम फिट करके दाग दिया गया है। इस फर्जी संदेश के कारण भारी अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
अलर्ट में दूसरी भाषा देखकर खुला फर्जीवाड़े का राज
जब गौर किया गया कि आधिकारिक इमरजेंसी ऐप से आने वाले अलर्ट अचानक रूसी भाषा में प्रसारित हो रहे हैं, तब जाकर पूरे हैकिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इसके तुरंत बाद आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने और अलर्ट को फर्जी मानने की अपील की गई। छह दिनों का संघर्षविराम समाप्त होने के तुरंत बाद इस हैकिंग को अंजाम दिया गया था।
दोनों पक्षों के ऐप हुए हैक; ‘आतेश’ ग्रुप ने ली जिम्मेदारी
इस घटना के बाद दूसरे पक्ष का आपातकालीन स्थिति मंत्रालय का आधिकारिक मोबाइल ऐप भी भीषण साइबर हमले का शिकार हुआ। नागरिकों को भी ऐप्स के जरिए फर्जी और भ्रामक चेतावनियां भेजी गईं। इस जवाबी साइबर हमले की जिम्मेदारी ‘आतेश’ (Atesh) नामक हैकर ग्रुप ने ली है। प्रशासन ने लोगों को संयम बरतने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की हिदायत दी है।

