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महादेव सट्टा एप में गिरफ्तारी के बाद बड़ा खेल! सौरभ के करीबियों ने बदले पाले, संपत्तियों पर विवाद की चर्चा

सौरभ चंद्राकर

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद अब इस कथित नेटवर्क के अंदर की कहानी भी चर्चा में है। जिस नेटवर्क को लेकर लंबे समय से जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं, उसमें अब आपसी खींचतान और साझेदारों के बीच दूरियां बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि सौरभ की गिरफ्तारी के बाद उसके कई पुराने साथियों ने अपना रुख बदल लिया है। रवि उप्पल समेत कुछ कारोबारी साझेदारों के अलग होने की बात कही जा रही है।

सौरभ से अलग हुए पुराने साथी, रवि उप्पल के साथ कौन-कौन?

सूत्रों के हवाले से सामने आ रही चर्चाओं के मुताबिक, महादेव सट्टा एप से जुड़े कारोबारी नेटवर्क में अब नए समीकरण बन रहे हैं। अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल और शुभम सोनी समेत कुछ लोगों के रवि उप्पल के साथ जाने की खबरें हैं। सौरभ की गिरफ्तारी के बाद करीबियों के बदलते रुख को इस कथित नेटवर्क में बढ़ती अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, साझेदारों के अलग होने और उनके बीच मतभेदों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कथित सट्टे की कमाई से खड़ा हुआ कारोबार, अब संपत्तियों पर नजर?

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा कथित अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों को लेकर हो रही है। खबरों के मुताबिक, सट्टे से जुटाए गए पैसों को शेयर बाजार, खदानों, होटल कारोबार और बड़ी कंपनियों में निवेश किए जाने की बात सामने आई है। अब इन्हीं संपत्तियों और कारोबार पर नियंत्रण को लेकर कथित विवाद की चर्चा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि सौरभ की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन और निवेश की परतें कितनी खुलेंगी।

136 दिन ओमान की हिरासत में रहने के बाद भारत पहुंचा सौरभ

महादेव सट्टा एप का प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर करीब 136 दिनों तक ओमान पुलिस की हिरासत में रहा। इसके बाद उसे भारत लाया गया। उसकी पहचान और दस्तावेजों को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं। एक कथित फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट में ‘अजंता मेंडिस’ नाम दर्ज होने का मामला भी चर्चा में है। अब जांच एजेंसियां उसकी भारत वापसी के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल आगे बढ़ा रही हैं।

दिल्ली कोर्ट से CBI को मिली दो दिन की ट्रांजिट रिमांड

भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर को सोमवार को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। यहां सीबीआई ने उसे रायपुर ले जाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी। बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध करते हुए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया और सीबीआई की रिमांड मांगने की वैधता पर सवाल उठाए। हालांकि, अदालत ने सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी। अब उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाना है।

चार जांच एजेंसियां कर रहीं महादेव नेटवर्क की पड़ताल

महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच अब कई स्तरों पर चल रही है। सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और पुलिस इस कथित नेटवर्क से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं। सीबीआई के दो मामलों में सौरभ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, जबकि ईडी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेनदेन की जांच में जुटी है। ऐसे में सौरभ की गिरफ्तारी को जांच का अहम पड़ाव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि रायपुर में होने वाली पेशी और आगे की पूछताछ से महादेव सट्टा एप के कथित नेटवर्क के कौन-कौन से राज सामने आते हैं।

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