स्कूल में 7 साल की बच्ची पर ईंट-बेंच से जानलेवा हमला, 35 घंटे बाद आया होश; कमरे में बंद छोड़ गए कर्मचारी
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला अंतर्गत सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में मासूमियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्कूल की पहली मंजिल के खाली कमरे में तीसरी कक्षा के एक छात्र ने पहली कक्षा में पढ़ने वाली सात साल की बच्ची पर बर्बरता से जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक हमले में गंभीर रूप से घायल बच्ची को करीब 35 घंटे बाद शनिवार को होश आया। वह फिलहाल चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) अस्पताल में भर्ती है, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उसके चेहरे और नाक की हड्डियां टूट चुकी हैं और चेहरे की बनावट सुधारने के लिए जटिल प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ दरिंदगी का मंजर
स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से इस हैवानियत की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसने सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है। फुटेज में साफ दिखता है कि आरोपी छात्र बच्ची को बहलाकर पहली मंजिल के सूनसान कमरे में ले गया। वहां ले जाकर उसने बच्ची के सिर को तीन से चार बार पूरी ताकत से लकड़ी के बेंच पर पटका। इसके बाद उसने मासूम के बाल पकड़कर फर्श पर घसीटा और लगातार लातों से वार करता रहा।
वारदात यहीं नहीं थमी; छात्र बाहर से एक भारी ईंट उठा लाया और उसने बच्ची के चेहरे पर ताबड़तोड़ कई हमले किए। बच्ची जब दर्द से कराहती हुई फर्श पर गिर पड़ी, तो वह उसकी छाती पर चढ़कर खड़ा हो गया और चेहरे को पैरों से कुचलने लगा। इसके बाद उसने दोबारा ईंट से वार किए और बच्ची को खून से लथपथ अचेत छोड़कर वहां से भाग निकला।
कमरे पर बाहर से ताला लगाकर चले गए कर्मचारी
स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता का आलम यह रहा कि छुट्टी होने के बाद कर्मचारियों ने पहली मंजिल के कमरों की जांच किए बिना ही बाहर से ताला जड़ दिया। बच्ची अंदर गंभीर हालत में तड़पती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बच्ची जब तय समय पर घर नहीं लौटी, तो परेशान पिता स्कूल पहुंचे। हैरतअंगेज रूप से हमला करने वाले बच्चे ने ही पिता को बताया कि बच्ची ऊपर के कमरे में बंद है।
जब पिता ने खिड़की से झांका, तो अंदर अपनी फूल जैसी बच्ची को खून से सना देख उनके होश उड़ गए। शोर मचाने पर कर्मचारियों ने ताला खोला। बेबस पिता बेटी को कंधे पर लेकर पागलों की तरह दौड़े और पहले निजी व फिर सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां से नाजुक हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया।
‘टीचर्स मेहंदी लगवाने में व्यस्त थीं’, पिता का छलका दर्द
परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि करवाचौथ पर्व से ठीक एक दिन पहले स्कूल परिसर में शिक्षिकाएं आपस में मेहंदी लगवाने में मशगूल थीं और बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई थी।
पिता ने रोते हुए सवाल किया, “मैं एक गरीब आदमी हूं। आज मेरी बच्ची के साथ यह सब हुआ है, कल यह लड़का किसी और के साथ ऐसा करेगा तो कौन जिम्मेदार होगा? क्या उसे सिर्फ नाबालिग कहकर छोड़ दिया जाएगा?”
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बैठाई जांच, नपेंगे जिम्मेदार
इस मामले के तूल पकड़ते ही हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मुख्यालय स्तर पर एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करते हुए शनिवार शाम तक पूरी रिपोर्ट तलब की है। शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच में स्कूल की प्रिंसिपल, संबंधित कक्षाओं के प्रभारियों और ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों की लापरवाही तय होते ही उनके खिलाफ सख्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

