बिहार कैबिनेट के 43 बड़े फैसले, एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
Bihar Cabinet Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बिहार एमएसएमई नीति-2026, बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति-2026 और बिहार जैव ईंधन एवं संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2026 को पारित किया गया। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने और 1 करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। कैबिनेट के फैसलों के तहत राज्य में औद्योगिक विकास, बिजली आपूर्ति, सड़क निर्माण, पुलिस व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने से संबंधित कई योजनाओं को मंजूरी दी गई।
एमएसएमई नीति-2026 को मंजूरी
MSME नीति-2026 के तहत, राज्य के प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने और सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्लस्टर विकास योजना (CM-CDP)-2026 को मंजूरी दी गई। सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियम-2026 को भी मंजूरी दी गई। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज के गलगालिया चेक पोस्ट क्षेत्र में स्थित मेसर्स ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स लिमिटेड की औद्योगिक इकाई के लिए वित्तीय प्रोत्साहन की मंजूरी दी गई।
एक करोड़ परिवार बनेंगे उद्यमी
इसी के साथ, गोपालगंज के बैकुंठपुर जिले के राजपत्ती स्थित मेसर्स वेस्टवेल बायोरेफाइनरीज प्राइवेट लिमिटेड को वित्तीय प्रोत्साहन के लिए मंजूरी दी गई। राज्य की बिजली आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने के लिए, दरभंगा और खगौल ग्रिड सबस्टेशनों पर दो 200 मेगावाट क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करने की 33.44 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, बिजली वितरण कंपनियों के क्षेत्र में एलटी प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, केबल बदलने और ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए तीन वर्षों में 11,096.55 करोड़ रुपए खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
ऋण की गारंटी देगी राज्य सरकार
इस योजना के तहत, उत्तर बिहार विद्युत वितरण कंपनी को वित्तीय संस्थानों से 6,066 करोड़ रुपये तक और दक्षिण बिहार विद्युत वितरण कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये तक का ऋण लेने के लिए अधिकृत किया गया है। राज्य सरकार इस ऋण की गारंटी भी देगी। मंत्रिमंडल ने कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 12 पदों के सृजन को मंजूरी दी, जिनमें मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के तीन पद शामिल हैं। आर्थिक अपराध इकाई की क्षमता बढ़ाने के लिए 143 नए पद सृजित किए जाएंगे।
पटना में अंडरग्राउंड रोड
इसके अतिरिक्त, गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में फोरेंसिक कार्यालयों के संचालन के लिए एक स्थायी निदेशालय संरचना के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने विश्वमित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ के विकास से संबंधित परामर्श सेवाओं के लिए 37.10 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी। पटना में भूमिगत सड़क गलियारे के लिए व्यवहार्यता अध्ययन हेतु 18.21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की व्यवहार्यता अध्ययन के लिए 18.21 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 49 हजार विद्यार्थियों के लिए निजी भवनों में छात्रावास की व्यवस्था पर सालाना 58.80 करोड़ रुपए खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
बिहार राज्य खेल 2026 का आयोजन
सरकारी सेवाओं और संबंधित सूचनाओं को व्हाट्सएप के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने के लिए BSNL का चयन और 2.34 करोड़ रुपये की एक योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, बिहार राज्य खेलों 2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये उपलब्ध कराना, बिहार एआई नीति 2026 को लागू करना और बंद पड़े मोतीपुर चीनी मिल की 151.58 एकड़ भूमि को उद्योग विभाग को हस्तांतरित करना सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। (एजेंसी)

