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रायपुर प्रेस क्लब में फायरिंग: आरोपी पलाश तिवारी अरेस्ट, साथी के पास छिपाया हथियार बरामद

रायपुर। राजधानी रायपुर के कचहरी परिसर स्थित प्रेस क्लब में सदस्यता विवाद के बाद हुई हवाई फायरिंग के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पलाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद आरोपी ने हथियार को छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने एक अन्य युवक के कब्जे से बरामद कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने गिरफ्तारी और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए हथियार को एक वरिष्ठ पत्रकार का बताकर जांच टीम को गुमराह करने का प्रयास किया था।

सदस्यता विवाद में बढ़ा तनाव, पदाधिकारियों पर तानी पिस्टल

घटना शनिवार, 24 अक्टूबर की शाम की है। मिली जानकारी के अनुसार, पलाश तिवारी प्रेस क्लब की सदस्यता न मिलने के कारण नाराज चल रहा था। इसी बात को लेकर वह शनिवार शाम प्रेस क्लब कार्यालय पहुंचा, जहां पदाधिकारियों के साथ उसकी तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अपना आपा खो दिया और कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा कार्यालय सचिव शिव दत्ता पर पिस्टल तान दी। इसके कुछ ही देर बाद शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच उसने परिसर में खुलेआम हवाई फायरिंग कर दी, जिससे वहां मौजूद पत्रकारों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

लिखित शिकायत के बाद देर रात गिरफ्तारी

वारदात के तुरंत बाद प्रेस क्लब प्रबंधन ने कोतवाली थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने हथियार लहराकर पदाधिकारियों को डराया-धमकाया और परिसर की शांति भंग करते हुए दहशत का माहौल पैदा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया और घेराबंदी कर देर रात आरोपी पलाश तिवारी को हिरासत में ले लिया।

पिस्टल और कारतूस छिपाए

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फायरिंग के फौरन बाद पिस्टल और जिंदा कारतूस अपने एक परिचित युवक को सौंप दिए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दबिश देकर उक्त युवक के पास से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल और कारतूस जब्त कर लिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में भ्रम फैलाने के लिए हथियार को एक वरिष्ठ पत्रकार की लाइसेंसी पिस्टल बताया था। अब पुलिस इस बात की तकनीकी और दस्तावेजी जांच कर रही है कि जब्त हथियार वास्तव में लाइसेंसी है अथवा अवैध, और यह आरोपी तक किन परिस्थितियों में पहुंचा।

पत्रकार सुरक्षा और सार्वजनिक परिसर में हथियार पर उठे सवाल

शहर के प्रतिष्ठित और संवेदनशील पत्रकारिता केंद्र में इस तरह खुलेआम असलहा लहराने और गोली चलाने की घटना ने मीडिया बिरादरी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। पत्रकार संगठनों ने सार्वजनिक परिसरों में इस तरह की अराजकता पर सख्त नाराजगी जताई है। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की कड़ाई से जांच जारी है।

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