Daler Mehndi Controversy: दलेर मेहंदी विवाद में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तोड़ी चुप्पी, मीका सिंह को तुरंत फोन घुमाकर कही बड़ी बात!
Daler Mehndi Controversy: उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान पंजाबी पॉप स्टार दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद पर अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए दलेर मेहंदी के भाई और मशहूर गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत की है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द से सुलझाया जाना चाहिए।
क्या था पूरा विवाद?
घटना 18 अक्टूबर की रात की है, जब नरेंद्रनगर क्षेत्र में सांस्कृतिक संध्या के दौरान दलेर मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। मंच पर ‘लाइव’ गायन और ‘बैकग्राउंड साउंड ट्रैक’ की आवाजों में तालमेल न बैठने के कारण हंगामा हो गया। इस पर स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल नाराज हो गए और उन्होंने मंच पर जाकर सबके सामने दलेर मेहंदी को फटकार लगा दी। मंत्री का कहना था कि मनोरंजन के लिए 35 लाख रुपये का भारी-भरकम भुगतान किया गया है, लेकिन गायक केवल लिप-सिंकिंग (Lip-syncing) कर रहे हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंत्री के व्यवहार की तीखी आलोचना हुई।
मंत्री उनियाल की सफाई और आरोप
विवाद बढ़ने पर मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई में कहा कि जनता का भारी दबाव था। उन्होंने कहा, “दलेर मेहंदी न तो ठीक से बोल पा रहे थे और न चल पा रहे थे। शुरुआत में लगा कि वे किसी नशे के प्रभाव में हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी तबीयत खराब थी। अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं था, तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था या पहले ही सूचना देनी चाहिए थी। मेरी उनसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।”
सीएम धामी ने क्या कहा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि उन्होंने मीका सिंह से बात की है। सीएम ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भव:’ की महान परंपरा का संवाहक है और यहां सभी कलाकारों का सदैव हृदय से स्वागत एवं सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि मंत्री पर स्थानीय जनता का दबाव रहा होगा, लेकिन चूंकि मंत्री ने बयान जारी कर दिया है कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था, इसलिए अब इस विवाद को यहीं समाप्त कर देना चाहिए।

