गोवा में बरसे राहुल गांधी: ‘वोट चोरी पर केस करने से डरती है सरकार, कानूनी जाल में खुद फंसेंगे’
मडगांव (गोवा)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने अपने गोवा दौरे के दौरान केंद्र की सत्ताधारी सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग पर बेहद तीखे प्रहार किए हैं। दक्षिण गोवा के मडगांव में पार्टी द्वारा आयोजित ‘गोय राखोन यात्रा’ में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ लगभग दो किलोमीटर तक पदयात्रा की। इसके उपरांत उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी पारदर्शिता, प्रशासनिक स्वायत्तता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया।
‘चुनाव आयोग और केंद्र की मिलीभगत से हो रही वोट चोरी’
सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह समझ चुकी है कि किस प्रकार चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रणाली के शीर्ष स्तर पर अनियमितताओं को अंजाम दिया जा रहा है और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह का प्रत्यक्ष राजनीतिक समर्थन है। राहुल ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सत्ता में बैठे लोग अपनी जवाबदेही से मुंह नहीं मोड़ सकते।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने देश के मौजूदा शैक्षणिक परिवेश और असहमति जताने वाले युवाओं के प्रति सरकारी रवैये की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत कभी अपनी उत्कृष्ट और विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था के लिए पहचाना जाता था, लेकिन मौजूदा दौर में अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरने वाले छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन जैसे दमनकारी साधनों का सहारा लिया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
मानहानि मुकदमों पर राहुल का तर्क: ‘कानूनी लड़ाई के डर से नहीं करते केस’
राहुल गांधी ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों का उल्लेख करते हुए एक नया राजनीतिक एंगल रखा। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अन्य नेताओं से संबंधित 45 से अधिक मानहानि के मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद जब वे खुले मंचों से वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, तो सरकार उन पर कोई मानहानि का मामला दर्ज नहीं करवाती। राहुल गांधी के अनुसार, सत्ता पक्ष को यह आशंका है कि यदि वोट चोरी के विशिष्ट आरोप पर अदालत में मुकदमा शुरू हुआ, तो यह एक विस्तृत कानूनी पड़ताल का रूप ले लेगा, जिससे सरकार खुद भारी कानूनी मुश्किलों में घिर जाएगी।
मेरे ऊपर 45 से ज्यादा Defamation केस हैं।
लेकिन जब मैं कहता हूं- नरेंद्र मोदी ‘वोट चोरी’ करते हैं, तब मेरे ऊपर कोई केस नहीं करता।
ऐसा इसलिए क्योंकि BJP के लोग डरते हैं। अगर ‘वोट चोरी’ पर केस लग गया तो मामला Legal हो जाएगा, जिसमें ये उलझ जाएंगे।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 गोवा
— Congress (@INCIndia) October 18, 2026

