कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र की मुहर: सुप्रीम कोर्ट को मिले 3 नए न्यायाधीश, अब सिर्फ 1 सीट खाली
नई दिल्ली। देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगा दी है। तीन अलग-अलग राज्यों के उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ जजों को पदोन्नत कर शीर्ष अदालत भेजा गया है। इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल कार्यरत संख्या अब 37 हो जाएगी।
कानून मंत्रालय ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिसूचना साझा करते हुए इन नियुक्तियों की पुष्टि की। केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, और तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
28 सितंबर को कॉलेजियम ने भेजा था प्रस्ताव
भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को हुई बैठक में इन तीनों वरिष्ठ न्यायविदों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसके तुरंत बाद तीनों नवनियुक्त जज अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। फिलहाल अदालत में 34 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जो शपथ के बाद बढ़कर 37 हो जाएंगे।
38 के कोटे में अब सिर्फ एक पद बाकी
सर्वोच्च अदालत में मुकदमों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए हाल ही में पारित सुप्रीम कोर्ट संशोधन अधिनियम, 2026 के जरिए न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (प्रधान न्यायाधीश सहित) की गई थी। इन तीन नियुक्तियों के बाद अब शीर्ष अदालत लगभग अपनी पूर्ण क्षमता के साथ कामकाज करेगी और कुल स्वीकृत पदों में से महज एक पद ही रिक्त रह जाएगा।

