‘आपकी जगह जेल में है’! Rajpal Yadav पर Supreme Court सख्त, क्या फिर जाएंगे सलाखों के पीछे?
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: क्या बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को एक बार फिर सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा? चेक बाउंस के पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अभिनेता को लेकर क्या तीखी टिप्पणियां कीं और क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं पूरी खबर!
“आपकी जगह जेल में है”: सुप्रीम कोर्ट का राजपाल यादव पर कड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के 7 मामलों में दोषी मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत के सख्त आदेश के बावजूद आज कम से कम 2 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट पेश न करने पर जजों ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने दो टूक कहा कि अभिनेता के आचरण से अदालत के प्रति कोई सम्मान नजर नहीं आता और उनका यह टालमटोल भरा रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राजपाल यादव की याचिका पर सुनवाई की।
शर्तों का पालन नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को गिरफ्तारी से राहत देते हुए 5 करोड़ रुपए रजिस्ट्री में जमा करने की शर्त रखी थी और मामला 5 अक्टूबर (सोमवार) तक बढ़ाया था।
सिर्फ 50 लाख का ड्राफ्ट: सोमवार को सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने 5 करोड़ के बजाय सिर्फ 50 लाख रुपए के डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी पेश की, जिस पर बेंच भड़क उठी।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: सुनवाई के दौरान जस्टिस जोयमाल्या बागची ने सख्त लहजे में कहा, “आपकी जगह जेल में है।” कोर्ट ने आगे यह भी कहा, “हम इस तरह के घमंड का इलाज करना जानते हैं। आप यहां भी अभिनय कर रहे हैं, पर यह काम नहीं आएगा।”
कोर्ट ने राजपाल यादव को एक और मौका देते हुए मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की है, जिसमें उनकी याचिका को खारिज करने पर भी विचार किया जा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला साल 2010 का है। फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी प्रोडक्शन कंपनी को करीब 5 करोड़ रुपए का लोन दिया था। फिल्म की रिलीज में देरी के बाद लोन चुकाने को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन कंपनी को दिए गए 7 चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने कानूनी कार्रवाई की, जिसके तहत अप्रैल 2018 में ट्रायल कोर्ट और 2024 में सेशंस कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उन्हें 3 महीने की जेल और 1.35 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।

