Mon. Oct 5th, 2026

इंडिगो यात्रियों को झटका, 1,300 रुपये तक बढ़ा फ्यूल सरचार्ज

IndiGo Airlines: त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा महंगी होती जा रही है। जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों के किराए में ₹375 से लेकर ₹1,300 तक की बढ़ोतरी की है। 6 अक्टूबर की आधी रात के बाद फ्लाइट टिकट बुक करना महंगा हो जाएगा।

इंडिगो ने फ्यूल चार्ज बढ़ाने पर क्‍या कहा?

खबर है कि ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। इंडिगो के मुताबिक, पिछले महीने में ATF की कीमतें 14% से ज्यादा बढ़ी हैं और ये कीमतें लगभग एक दशक में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। फ्यूल के नए चार्ज 6 अक्टूबर, 2026 को रात 12:01 बजे के बाद की गई बुकिंग पर लागू होंगे।

कितना बढ़ जाएगा फ्यूल सरचार्ज?

घरेलू उड़ानों में दूरी के हिसाब से 375 से 1,300 रुपये तक फ्यूल चार्ज लगेगा।
वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज 1,000 रुपये से 10,000 रुपये तक लगेगा।
यूरोप की उड़ानों के लिए सबसे ज्यादा 10,000 रुपये फ्यूल सरचार्ज तय किया गया है।
कितना महंगा हो जाएगा सफर?
500 किमी तक की उड़ान पर 375 रुपये ज्‍यादा खर्च करने होंगे।
वहीं 501 किमी से 1,000 किमी की दूरी के लिए आपको 600 रुपये ज्‍यादा खर्च करने होंगे।
1,001–1,500 किमी की यात्रा के लिए फ्लाइट टिकट 900 रुपये महंगा हो जाएगा।
वहीं 1,501–2,000 किमी की यात्रा के लिए फ्लाइट में सफर 1,150 रुपये महंगा पड़ेगा।
2,000 किमी से ज्यादा के हवाई सफर के लिए आपको 1,300 रुपये ज्‍यादा चार्ज देना होगा।

इंडिगो एयरलाइन का कहना है कि जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने से फ्लाइट ऑपरेशन यानी उड़ानों का संचालन काफी ज्‍यादा महंगा हो गया है, लेकिन उसने यात्रियों पर असर कम रखने के लिए सीमित और संतुलित बढ़ोतरी की है।

एविएशन इंडस्ट्री का कहना है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से देश में ATF की कीमतें कच्चे तेल की कीमतों की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं। जानकारों के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों के जेट फ्यूल पर मार्जिन में काफी बढ़ोतरी हुई है, जबकि कच्चे तेल को ATF में बदलने की लागत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। अब चूंकि एटीएफ आमतौर पर किसी एयरलाइन के परिचालन खर्चों का करीब 40 प्रतिशत होता है, इसलिए जेट ईंधन की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने हवाई किराया बढ़ा दिया है और एयरलाइन को अब यात्रियों से ‘फ्यूल सरचार्ज’ लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। (एजेंसी)

About The Author