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शिष्य की मौत के 9 दिन बाद प्रेमानंद महाराज का आया बयान, जानें क्या कहा

वृंदावन: प्रेमानंद महाराज के ‘गुरु कृपा कुंज आश्रम’ में दीपक लोधी (जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता है) की मौत का मामला काफी विवादित हो गया है। इस घटना के बाद कई नए विवाद भी सामने आए हैं। अब, अलग-अलग जगहों से आए तीन परिवारों ने अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करते हुए आश्रम के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और नारे लगाए। बिगड़ते हालात को देखते हुए, ‘राधा केलि कुंज ट्रस्ट’ के मैनेजमेंट ने आश्रम के फेसबुक पेज पर एक अपील जारी की है। आश्रम के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है।

इस अपील में, आश्रम प्रबंधन ने कहा कि हाल की घटना से आदरणीय महाराज जी और सभी अनुयायी बहुत दुखी हैं। ट्रस्ट साधक के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है। साथ ही, केली कुंज ट्रस्ट ने घटना की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का भी संकल्प लिया है। जांच पूरी होने तक ट्रस्ट सभी श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से विनम्र अनुरोध करता है कि किसी प्रकार की अधूरी जानकारी, अफवाह और पूर्वानुमान के आधार पर पूज्य महाराज और आश्रम की छवि को धूमिल करने का काम न करें।

घटना के 9 दिन बाद जारी हुआ बयान

आश्रम प्रबंधन ने कहा है कि पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच से घटना की असल सच्चाई सामने आएगी। गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज के केली कुंज ट्रस्ट का यह बयान घटना के नौ दिन बाद आया है, जबकि यह मामला काफी समय से चर्चा का विषय बना हुआ था। अगर घटना वाले दिन ही इस बारे में कोई बयान जारी किया गया होता, तो शायद यह मामला इतना नहीं बढ़ता।

अब तक नहीं सुलझे कई रहस्य

युवा संत रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता है, ने आखिर अपना प्राइवेट पार्ट क्यों काट लिया? इस सवाल का जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है। इस बीच, अपने अपनों की तलाश कर रहे लोग अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए आश्रम के बाहर जमा हुए हैं। इन घटनाओं के बाद, प्रेमानंद महाराज का राधा केलि कुंज आश्रम विवादों में घिरा हुआ है। साथ ही, मथुरा पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आत्महत्या की कोशिश के नौ दिन बाद भी अभी तक कोई केस क्यों दर्ज नहीं किया गया है। (एजेंसी)

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