11 हजार दारोगा अभ्यर्थियों का पटना में प्रदर्शन, रिजल्ट रद्द होने पर नाराजगी
पटना: “हमने परीक्षा पास करने के लिए दिन-रात मेहनत की और मैदान में पसीना बहाया… और आज, हमारी सारी मेहनत एक ही झटके में बेकार हो गई!” नाराज युवा एक बार फिर बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर उतर आए हैं। बिहार सब-इंस्पेक्टर भर्ती की मुख्य परीक्षा पास करने वाले लगभग 11,000 सफल उम्मीदवार विरोध करने के लिए बाहर निकले हैं और सरकार व आयोग के खिलाफ जोरदार नारे लगा रहे हैं। ये उम्मीदवार मुख्य लिखित परीक्षा के नतीजे रद्द करने के फैसले पर अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दर्द सीधा और साफ है। इन युवा उम्मीदवारों ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती के लिए मुश्किल लिखित मुख्य परीक्षा पास कर ली थी और वे अगले चरण—फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET)—के लिए मैदान पर दिन-रात ट्रेनिंग कर रहे थे। हालांकि, परीक्षा रद्द करने के अचानक लिए गए फैसले ने एक बार फिर पूरी भर्ती प्रक्रिया को अधर में लटका दिया है। उम्मीदवारों का कहना है कि प्रशासन के इस रुख ने उनकी बरसों की मेहनत, उनकी उम्मीदों और उनके भविष्य को अनिश्चितता के अंधेरे गर्त में धकेल दिया है।
पटना में भारी बवाल, क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?
सड़कों पर उतरे 11,000 उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन तेजी से तेज होता जा रहा है। उनकी मुख्य मांग है कि आयोग सब-इंस्पेक्टर (SI) मुख्य परीक्षा के नतीजों को रद्द करने का अपना फैसला तुरंत वापस ले। इसके अलावा, उनकी मांग है कि मुख्य परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) की तारीखें जल्द तय की जाएं और भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए।
युवाओं का आरोप है कि बिहार में एक ऐसा पैटर्न बन गया है, जिसमें भर्ती परीक्षाएं आयोजित होने के बाद या तो रद्द कर दी जाती हैं या फिर रोक दी जाती हैं, जिससे लाखों युवाओं का करियर बर्बाद हो रहा है। गौरतलब है कि लगातार जमा हो रही भीड़ को देखते हुए पटना में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उम्मीदवारों ने साफ कहा है कि उनका आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक सरकार और संबंधित आयोग उनके पक्ष में फैसला नहीं लेते और परीक्षा रद्द करने का नोटिफिकेशन वापस नहीं लेते। (एजेंसी)

