CEC और SIR के खिलाफ आइसा का पैदल मार्च, सौरभ भारद्वाज गिरफ्तार, बोले- ‘पुलिस मेरे साथ फुटबॉल जैसा बर्ताव कर रही’
नई दिल्ली: एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के कड़े विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजधानी में विरोध की आग तेज हो गई है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अगुवाई में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक व्यापक नागरिक मार्च का आह्वान किया, जिसके चलते लुटियंस दिल्ली के प्रमुख इलाकों में भारी तनाव और पुलिस के साथ तीखी झड़प देखने को मिली। वहीं, दूसरी तरफ इसी मांग को लेकर इंडिया गेट की ओर कूच कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
छात्रों और नागरिक संगठनों का साझा मोर्चा
आयोजकों के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। मार्च का नेतृत्व आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा कर रही हैं। इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर की दिशा में बढ़ रहे इस मार्च में विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा नागरिक समाज के कई प्रमुख कार्यकर्ता भी शामिल हुए हैं। मार्च के दौरान कई जगहों पर बैरिकेडिंग को लेकर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
छावनी में तब्दील हुआ जंतर-मंतर और आसपास का इलाका
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं। जनपथ मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 के पास जंतर-मंतर जाने वाली सड़क पर मजबूत बैरिकेड्स लगाकर आम आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है। फिरोज शाह रोड सहित कई रणनीतिक जगहों पर दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की तैनाती की गई है। पूरे मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा बलों की टुकड़ियों को लगातार अलर्ट पर रखा गया है।
हिरासत में लिए गए आप कार्यकर्ता, सौरभ भारद्वाज ने लगाए गंभीर आरोप
इधर, इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इंडिया गेट की तरफ मार्च निकाला। पुलिस ने आगे बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को बीच रास्ते में ही रोकते हुए हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “वे मुझे उठाकर इधर-उधर ऐसे फेंक रहे हैं, जैसे मैं कोई फुटबॉल हूं। यहां इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है, फिर भी वे अपने ही एसीपी के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज कर रहे

