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UP चुनाव से पहले विपक्षी खेमे में हलचल: राहुल गांधी से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य, INDIA गठबंधन में शामिल होने का किया ऐलान

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने औपचारिक घोषणा की कि उनकी पार्टी अब विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन के साथ मिलकर काम करेगी।

साझा विचारधारा और सामाजिक न्याय पर जोर

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अब औपचारिक रूप से INDIA गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सीटों की संख्या और भविष्य की रणनीति पर शीर्ष नेतृत्व के साथ आगामी दिनों में फैसला लिया जाएगा। मौर्य ने जोर देकर कहा कि उनका मुख्य संकल्प ‘बीजेपी हटाओ, देश बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ, बीजेपी हटाओ’ है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश भर में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यही लड़ाई उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में लड़ रही है। इसी साझा सोच के आधार पर यह गठबंधन हुआ है।

‘कांग्रेस ही राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प’

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सत्तापक्ष के सामने कांग्रेस पार्टी ही सबसे मजबूत विकल्प है, जिसके चलते INDIA गठबंधन से जुड़ने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि वे समान सोच रखने वाले राजनीतिक और सामाजिक समूहों को एक मंच पर लाने की मुहिम में जुटे हैं। उनके अनुसार, यह संवाद का शुरुआती दौर है और रणनीति से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।

पूर्वांचल में असर और आगामी चुनाव की जमीन

उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य एक प्रमुख गैर-यादव पिछड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे पूर्व में बसपा सरकार में मंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। इसके बाद वे बीजेपी में शामिल होकर कैबिनेट मंत्री बने और फिर 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी का हिस्सा रहे। सपा से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी जनता पार्टी का गठन किया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और पडरौना क्षेत्र में उनका राजनीतिक प्रभाव माना जाता है और चर्चा है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में इसी क्षेत्र से चुनावी ताल ठोक सकते हैं।

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