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Asian Games में Gold जीतते ही छा गईं संजू देवी, जानिए छत्तीसगढ़ की बेटी की पूरी कहानी

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की बेटी संजू देवी ने अपनी मेहनत, लगन और खेल प्रतिभा के दम पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। संजू देवी भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा बनीं और Asian Games 2026 में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई।

जापान में आयोजित एशियन गेम्स के फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही।

उनकी इस उपलब्धि के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजू देवी से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मजदूर परिवार से निकलकर बनीं गोल्ड मेडलिस्ट

संजू देवी का जीवन बेहद सामान्य पारिवारिक परिस्थितियों से शुरू हुआ। वह कोरबा जिले के केराकछार गांव की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही मजबूत नहीं थी, लेकिन संजू ने परिस्थितियों को कभी अपनी मंजिल के रास्ते में नहीं आने दिया। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने कबड्डी खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे इस खेल के प्रति उनका जुनून बढ़ता गया।

गांव के मैदान से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा और आखिरकार संजू ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का गौरव हासिल किया।

कबड्डी ने बदली संजू देवी की जिंदगी

संजू देवी ने शुरुआत में स्थानीय स्तर पर कबड्डी खेलना शुरू किया। अपनी प्रतिभा और लगातार मेहनत के कारण उन्होंने धीरे-धीरे बड़े स्तर पर पहचान बनानी शुरू की।

उनके खेल को सही दिशा और प्रशिक्षण मिलने के बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जगह बनाई और फिर भारतीय महिला कबड्डी टीम तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

संजू के लिए यह सफर आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।

Asian Games 2026 में भारत के लिए जीता Gold

Asian Games 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया और फाइनल में ईरान को मात देकर Gold Medal अपने नाम किया।

भारतीय टीम की इस स्वर्णिम जीत में संजू देवी भी टीम का अहम हिस्सा रहीं। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका सफर अब एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

संजू की सफलता ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे कोरबा और छत्तीसगढ़ को गर्व करने का मौका दिया है।

CM Vishnu Deo Sai ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

संजू देवी की शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनसे वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने संजू को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि संजू देवी ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और शानदार खेल कौशल से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

संजू देवी की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी के गोल्ड मेडल जीतने की कहानी नहीं है। यह उस संघर्ष की कहानी है, जिसमें सीमित संसाधनों के बावजूद एक बेटी ने अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की।

आज संजू देवी छत्तीसगढ़ के हजारों युवा खिलाड़ियों, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह बताती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या बड़े परिवार की मोहताज नहीं होती।

अगर मेहनत करने का जज्बा हो और सही अवसर मिले, तो गांव की मिट्टी से निकली प्रतिभा भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकती है।

गांव से Asian Games तक पहुंची संजू की कहानी

कोरबा के केराकछार गांव से कबड्डी का सफर शुरू करने वाली संजू देवी ने अब अपने नाम के साथ Asian Games Gold Medalist का गौरव जोड़ लिया है।

उनके माता-पिता की मेहनत, संजू की लगन और वर्षों के संघर्ष ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया। आज जिस बेटी को कभी गांव के मैदान में कबड्डी खेलते देखा जाता था, वही बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की जर्सी पहनकर गोल्ड मेडल जीत चुकी है।

संजू देवी की यह उपलब्धि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का हौसला देगी।

संजू देवी की कहानी क्यों है खास?

संजू देवी की कहानी इसलिए खास है क्योंकि इसमें संघर्ष, मेहनत, परिवार का साथ, खेल के प्रति जुनून और सफलता, इन सभी पहलुओं की झलक मिलती है।

एक दिहाड़ी मजदूर परिवार से निकलकर भारतीय महिला कबड्डी टीम तक पहुंचना और फिर Asian Games में गोल्ड मेडल जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है।

आज संजू देवी सिर्फ कोरबा या छत्तीसगढ़ की बेटी नहीं हैं, बल्कि भारतीय खेल जगत में अपनी पहचान बनाने वाली उन बेटियों में शामिल हो चुकी हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है।

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