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राम मंदिर चंदा चोरी केस: 2 दिन में दाखिल होगी चार्जशीट, सुप्रीम कोर्ट में UP सरकार ने दी स्टेटस रिपोर्ट

Supreme Court :

नई दिल्ली। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अगले दो दिनों के भीतर सक्षम अदालत में चार्जशीट पेश करेगी। मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दायर चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी गई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष हुई।

डिफॉल्ट जमानत से रोकने के लिए 25 सितंबर तक आरोप पत्र जरूरी

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी हुए 90 दिन की वैधानिक मियाद 25 सितंबर को पूरी हो रही है। यदि इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच एजेंसी आरोप पत्र दाखिल नहीं करती है, तो आरोपियों को कानूनी तौर पर ‘डिफॉल्ट जमानत’ मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

सॉलिसिटर जनरल ने आश्वस्त किया कि एजेंसी आगामी दो दिनों के भीतर चार्जशीट फाइल कर देगी। इस दलील पर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि जांच एजेंसी को तय समय पर ही चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए ताकि कानूनी प्रक्रिया बाधित न हो।

सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड पर आई स्टेटस रिपोर्ट

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को सूचित किया कि मामले की अद्यतन स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कर दी गई है। पीठ ने रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं को रिकॉर्ड पर दर्ज किया:

CCTV का गहन विश्लेषण: संदिग्धों और आरोपियों की भूमिका पुख्ता करने के लिए मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से तकनीकी और फॉरेंसिक परीक्षण किया गया है।

सॉफ्टवेयर और लॉकर सुरक्षा व्यवस्था: स्टेटस रिपोर्ट में साफ किया गया है कि राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे व बहुमूल्य वस्तुओं की रसीद एक खास सॉफ्टवेयर से काटी जाती है। इसके साथ ही चढ़ावे के सभी कीमती आभूषण और सामग्री स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर में पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखे जाते हैं।

SIT की जांच अंतिम चरण में

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार एसआईटी ने लगभग सभी पहलुओं की जांच पूरी कर ली है। जांच एजेंसी 25 सितंबर या उससे पहले ही संबंधित कोर्ट में औपचारिक चार्जशीट दाखिल कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।

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