पाकिस्तानी हवाई हमलों से कुनार में भारी नुकसान, अफगानिस्तान ने दी माकूल जवाब की चेतावनी
काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से चला आ रहा सीमा विवाद अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा अफगान सीमा के भीतर कुनार और पक्तिका प्रांतों में रातभर किए गए हवाई हमलों को लेकर तालिबान सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की तीखी भर्त्सना करते हुए इसे सीधे तौर पर नागरिक ठिकानों पर हमला और देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। मुजाहिद ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान इस आक्रामकता के सामने खामोश नहीं रहेगा और इसका उचित समय पर उचित जवाब दिया जाएगा।
कुनार में रिहायशी इलाके पर गिरीं मिसाइलें
तालिबान प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने उस वक्त बमबारी की जब आम लोग अपने घरों में सो रहे थे। कुनार के आवासीय क्षेत्र पर हुए हमले में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई। इसके अलावा दो महिलाओं और दो पुरुषों समेत चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अफगान पक्ष का दावा है कि ये सभी निर्दोष स्थानीय नागरिक थे। वहीं पक्तिका में एक रिहायशी मकान और स्थानीय बाजार की दुकान को निशाना बनाया गया। गनीमत यह रही कि यहां कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इमारतें पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गईं।
‘आंतरिक सुरक्षा संकट से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान की चाल’
जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य तंत्र की नीयत पर सीधा सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस वक्त अपने देश के भीतर गंभीर आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। अपनी इस नाकामी और घरेलू समस्याओं से अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर निर्दोष नागरिकों पर बम बरसा रही है।
दोनों देशों के बीच बढ़ा अविश्वास, जवाबी कार्रवाई की तैयारी
हालांकि मुजाहिद ने जवाबी कार्रवाई के तौर-तरीकों या समय सीमा की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उनके तेवर साफ दर्शाते हैं कि काबुल इस घटना को सामान्य सीमा विवाद के रूप में नहीं ले रहा है।
इस्लामाबाद ऐसे हमलों को आतंकी ठिकानों के खिलाफ ‘प्री-एम्प्टिव’ स्ट्राइक बताकर अपनी कार्रवाई को जायज ठहराता रहा है।
काबुल का स्पष्ट कहना है कि आतंक के सफाए के नाम पर निर्दोष ग्रामीणों के घरों को तबाह करना अंतरराष्ट्रीय नियमों की खुली अवहेलना है।
डूरंड लाइन से सटे कुनार और पक्तिका प्रांतों में हुई इस ताजा बमबारी ने दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अस्थिरता का जोखिम और बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों ने संयम बरतते हुए कूटनीतिक संवाद का रास्ता नहीं चुना, तो सीमावर्ती इलाकों में हालात एक बड़े सैन्य टकराव में बदल सकते हैं।

