Mon. Sep 21st, 2026

बराक ओबामा ने AI को लेकर जताई चिंता, किलर रोबोट से ज्यादा इस खतरे का डर

Barack Obama: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में बहस चल रही है। कुछ लोग इसे भविष्य की सबसे बड़ी तकनीक बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग नौकरियों और इंसानों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। इसी बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एआई को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। ओबामा का कहना है कि भले ही एआई कंपनियों के बाजार मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तकनीक को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। आइए इसके बारे में और जानें। उन्होंने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि एआई मानवता के अंत का कारण बन सकता है, और यह बेहद डरावना है।

Obama के समय में ही बनी थी AI पर रिपोर्ट

ओबामा ने बताया कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान, लगभग 2015-16 में, उनके प्रशासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों को समझने के लिए एक आयोग का गठन किया था। इस आयोग ने एआई पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी तैयार की थी। ओबामा के अनुसार, बाद के प्रशासनों ने इस रिपोर्ट पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की। इसका मतलब यह है कि एआई से जुड़े वे प्रश्न जिन पर उस समय चर्चा हुई थी, अब और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।

अब AI खुद सीख रहा है

एआई की तीव्र प्रगति का एक प्रमुख कारण रिसर्सिव लर्निंग है। सरल शब्दों में कहें तो, एआई अब केवल मनुष्यों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से ही प्रगति नहीं कर रहा है, बल्कि स्वयं भी सीखना शुरू कर रहा है। ओबामा के अनुसार, हाल तक एआई मॉडल के लर्निंग में लगभग 90 प्रतिशत मानवीय योगदान होता था। हालांकि, कुछ ही महीनों में स्थिति बदल गई है और यह अनुपात लगभग 50-50 हो गया है। इसका अर्थ है कि मानवीय प्रशिक्षण के साथ-साथ स्व-अधिगम भी एआई की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आने वाले समय में 90% खुद सीखेगा AI?

ओबामा का अनुमान है कि भविष्य में, एआई की लगभग 90 प्रतिशत लर्निंग स्व-अध्ययन पर आधारित हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो एआई के विकास की गति आज की तुलना में काफी तेज हो सकती है। उन्होंने एआई की इस वृद्धि को हॉकी-स्टिक ग्रोथ बताया। इसका अर्थ है कि शुरुआत में विकास धीमा होता है, लेकिन एक निश्चित बिंदु के बाद, इसकी गति अचानक काफी बढ़ जाती है।

किलर रोबोट नहीं, ये है असली डर

एआई के खतरों का जिक्र अक्सर जानलेवा रोबोटों और इंसानों को मार सकने वाली मशीनों की चर्चा की ओर ले जाता है। ओबामा के अनुसार, ऐसा खतरा पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है। उनकी असली चिंता एआई के गलत दिशा में जाने को लेकर है, जिसका अर्थ है कि एक एआई प्रणाली ऐसा लक्ष्य निर्धारित कर सकती है जो मानवीय इरादों से भिन्न हो। इसके लिए एआई का सचेत होना या इंसानों से नफरत करना आवश्यक नहीं है। अगर एआई खुद से फैसले लेने लगे और उसके गोल्स इंसानों के गोल्स से अलग हो जाएं, तो बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। ही वजह है कि एआई के तेज विकास के साथ यह सवाल भी जरूरी होता जा रहा है कि आखिर इसे इंसानों के कंट्रोल और गोल्स के साथ कैसे जोड़ा जाए।(एजेंसी)

About The Author