बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी पर आयोग का जवाब, CCTV फुटेज के साथ सौंपा कार्रवाई का ब्योरा
पटना: बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग ने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अपना जवाब सौंप दिया है। आयोग ने अनियमितताओं और पूर्णिया तथा गया परीक्षा केंद्रों पर की गई कार्रवाई का विवरण सीसीटीवी फुटेज के साथ प्रस्तुत किया है। हालांकि, ईओयू के अनुसार, कई सवालों के जवाब अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। दूसरी ओर, राज्य में पेपर लीक, संगठित अपराध, अवैध खनन और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए बिहार गृह विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) को छह महीने के लिए विशेष दंडात्मक शक्तियां सौंप दी हैं।
BPSSC ने EOU को सौंपी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज भी दिए
BPSSCने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों के संबंध में अपनी रिपोर्ट EOU को सौंप दी है। रिपोर्ट में पूर्णिया और गया के परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं को दूर करने के लिए आयोग द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण शामिल है। संबंधित परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसी को उपलब्ध करा दी गई है। इससे पहले SIT ने 3 सितंबर और 8 सितंबर को पत्र भेजकर आयोग से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
EOU को आयोग के जवाबों पर संदेह, रिपोर्ट का अध्ययन जारी
EOU सूत्रों के अनुसार, आयोग के कई सवालों के जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। ईओयू की विशेष जांच टीम (SIT) रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों का गहन अध्ययन कर रही है। कुछ परीक्षा केंद्रों पर केवल 25 से 30 प्रतिशत उम्मीदवारों के उत्तीर्ण होने की शिकायतों के बाद, EOU ने सबसे अच्छे परिणाम वाले शीर्ष 20 केंद्रों की सूची मांगी थी, लेकिन अभी तक उसे यह सूची प्राप्त नहीं हुई है। EOU जानकारी की भौतिक सत्यापन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी।
पेपर लीक और संगठित अपराधों पर लगेगा CCA Act
राज्य सरकार ने अपराध नियंत्रण संशोधन अधिनियम (CCA Act) का दायरा बढ़ाकर इसमें कई गंभीर अपराधों को शामिल कर लिया है। अब बिहार में पेपर लीक गिरोहों, संगठित अपराध, अवैध खनन में शामिल माफियाओं, जबरन संपत्ति पर कब्जा करने वालों और सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक या नफरत फैलाने वाले तत्व फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सीसीए के तहत सीधे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारियों को 6 महीने के लिए मिलीं विशेष शक्तियां
अधिसूचना जारी: गृह विभाग ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है।
प्रभावित अवधि: ये विशेष शक्तियां जिला मजिस्ट्रेटों को 25 सितंबर, 2026 से 24 मार्च, 2027 तक पूरे छह महीने के लिए प्रदान की गई हैं।
त्वरित कार्रवाई का अधिकार : इस आदेश के बाद, सभी जिला मजिस्ट्रेट अपने अधिकार क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सीधे हिरासत आदेश, वारंट और जमानत जारी कर सकेंगे। (एजेंसी)

