Hartalika Teej 2026: जानिए पूजा के 4 सबसे खास शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और व्रत पारण का सही समय
Hartalika Teej 2026: सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत पवित्र और कठिन माना जाने वाला हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का व्रत इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ रखा जा रहा है। अपने पति की दीर्घायु, तरक्की और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए महिलाएं 24 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं। वहीं, सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत रखती हैं। इस पावन अवसर पर भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पूरे परिवार का विधि-विधान से पूजन किया जाता है।
पूजा के खास शुभ मुहूर्त
धर्मशास्त्रों के अनुसार, तीज की पूजा शुभ मुहूर्त में करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। 14 सितंबर को मुख्य पूजा के लिए ये चार खास समय उत्तम हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:32 बजे से सुबह 5:19 बजे तक
सुबह का प्रात:काल पूजन मुहूर्त: सुबह 6:05 बजे से सुबह 7:06 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
शाम का पूजन (अमृत चौघड़िया): शाम 4:55 बजे से शाम 6:28 बजे तक
दिन और रात के चौघड़िया मुहूर्त
दिन भर की पूजा और अनुष्ठान के लिए दिन व रात के चौघड़िया समय इस प्रकार रहेंगे:
दिन का शुभ चौघड़िया: अमृत (सुबह 6:05 – 7:38), शुभ (सुबह 9:11 – 10:43), लाभ (दोपहर 3:22 – 4:55)
रात का शुभ चौघड़िया: लाभ (रात 10:49 – 12:16), शुभ (रात 1:43 – 3:11) और अमृत (रात 3:11 – 4:38)
तीज पर बन रहे हैं दुर्लभ शुभ संयोग
इस बार हरतालिका तीज पर बेहद खास ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं। इस दिन चित्रा नक्षत्र के साथ ‘ब्रह्म योग’ का निर्माण हो रहा है, जिसके साथ ‘ऐन्द्र योग’ का प्रभाव भी रहेगा। मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और घर में सुख-शांति का वास होता है।
कब और कैसे करें व्रत का पारण?
हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन यानी 15 सितंबर 2026 को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। पारण के दिन स्वाती नक्षत्र और ऐन्द्र योग का संयोग रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत खोलने से पहले भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान कर विधिवत पूजन एवं आरती करें, इसके बाद ही जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें।

