सागर में जहरीली शराब कांड पर शासन का प्रहार: आबकारी विभाग के 3 अधिकारी सस्पेंड, संभागीय प्रभारी मुख्यालय अटैच
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में कथित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार ने त्वरित और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दोषियों पर बिना किसी रियायत के कठोर कार्रवाई के दिए गए निर्देशों के चंद घंटों के भीतर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी गाज गिरी है। लापरवाही और पर्यवेक्षण में विफलता के आरोप में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को जिले से हटाकर मुख्यालय अटैच किया गया है।
निलंबन और तबादले की सीधी कार्रवाई
आधिकारिक आदेश के तहत सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक रोशनी उरेती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, संभागीय उड़नदस्ता की प्रभारी एवं उपायुक्त नीरजा श्रीवास्तव को सागर से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। शासन स्तर से हुई इस संयुक्त कार्रवाई से पूरे आबकारी अमले में हड़कंप मच गया है।
बंडा के तीन गांवों में मातम, मौतों का आंकड़ा 10 पार
यह भयावह घटनाक्रम बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों से सामने आया है। प्रशासनिक स्तर पर शुरुआती तौर पर 10 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि स्थानीय भाजपा विधायक ने मृतकों की संख्या 11 बताई है। कई अन्य प्रभावित ग्रामीणों का इलाज स्थानीय व जिला अस्पतालों में चल रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई के साथ-साथ नकली व अवैध शराब के पूरे नेटवर्क और सप्लायरों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

