1-2 रुपये नहीं, सीधे ₹10 बढ़े दूध के दाम! अब गाय ₹60 और भैंस ₹75 लीटर
पेंड्रा। अगर आपके घर में रोजाना दूध आता है, तो अब महीने का बजट थोड़ा और बढ़ सकता है। दूध की बिक्री के लिए नई कीमतें निर्धारित कर दी गई हैं और 1 सितंबर 2026 से संशोधित रेट प्रभावी हो गए हैं। नए दामों के मुताबिक गाय का दूध अब 60 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 70 से 75 रुपये प्रति लीटर तक मिलेगा। दूध की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ इससे जुड़े कारोबार पर भी असर पड़ने की संभावना है।
गाय और भैंस के दूध का नया रेट
दुग्ध उत्पादक संघ गौरेला की ओर से निर्धारित नई दरों के अनुसार गाय के दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। वहीं भैंस के दूध का नया रेट 70 से 75 रुपये प्रति लीटर रखा गया है। बताया जा रहा है कि पहले की तुलना में दूध के दाम में करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। नई कीमत लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अब हर महीने दूध पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा।
बढ़ती लागत बनी कीमत बढ़ने की वजह
दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि पशुपालन से जुड़ा खर्च लगातार बढ़ रहा है। पशुओं को खिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चारे, दाने और दूसरे आहार की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर दूध उत्पादन की लागत पर पड़ा है। इसके अलावा पशुओं की खरीद, इलाज, देखभाल और रखरखाव में भी पहले की तुलना में ज्यादा खर्च हो रहा है। ऐसे में पुराने रेट पर दूध बेचने से पशुपालकों के लिए लागत निकालना मुश्किल हो रहा था।
डेयरी संचालकों को दी गई जानकारी
नई कीमतों को लेकर दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों ने अलग-अलग डेयरियों में पहुंचकर संचालकों को जानकारी दी। इस दौरान दूध के नए रेट को लेकर चर्चा की गई और संशोधित कीमतों की सूचना भी डेयरियों में लगाई गई। इसके बाद नई दरों के अनुसार दूध की बिक्री किए जाने की जानकारी दी गई है।
घर के बजट पर पड़ेगा सीधा असर
दूध ऐसी जरूरी खाद्य वस्तु है, जिसकी खरीद अधिकांश परिवारों में नियमित रूप से होती है। इसलिए कीमत में हुई बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू खर्च पर पड़ सकता है। मसलन, अगर किसी परिवार की रोजाना दूध की खपत 2 लीटर है और कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, तो महीने में करीब 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च हो सकता है। हालांकि वास्तविक अतिरिक्त खर्च दूध के प्रकार और रोजाना खपत पर निर्भर करेगा।
होटल और मिठाई कारोबार भी होगा प्रभावित
दूध के दाम बढ़ने का असर सिर्फ घरों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। दूध का इस्तेमाल करने वाले होटल, मिठाई की दुकानें, चाय-नाश्ते के कारोबार और डेयरी उत्पादों से जुड़े व्यवसायों की लागत भी बढ़ सकती है। ऐसे कारोबारी बढ़ी हुई लागत को अपने उत्पादों की कीमतों में शामिल करते हैं, तो आने वाले समय में कुछ दूध से बने उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं।
उपभोक्ताओं ने जताई चिंता
नई दरों को लेकर कुछ उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर पहले से ही खर्च बढ़ा हुआ है। ऐसे में दूध के रेट में बढ़ोतरी से परिवारों का मासिक बजट और प्रभावित होगा। वहीं पशुपालकों का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत के बीच दूध की कीमत में संशोधन जरूरी हो गया था। उनका दावा है कि नई दरों से पशुपालन से जुड़े बढ़े हुए खर्च को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद मिलेगी।
दूध के नए दाम पर एक नजर
गाय का दूध- ₹60 प्रति लीटर
भैंस का दूध- ₹70-75 प्रति लीटर
नई दर लागू- 1 सितंबर 2026
कीमत बढ़ने की वजह- पशुपालन और उत्पादन लागत में वृद्धि

