अयोध्या राम मंदिर CEO की रेस में 3 नाम फाइनल, राजेश पांडे और योगेश्वर मिश्रा सबसे आगे
Ayodhya Ram Mandir CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक बुधवार, 2 सितंबर को होनी है। इस बैठक में राम मंदिर परिसर से जुड़े कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मंदिर के मैनेजमेंट को और ज्यादा प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाने के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति पर भी फैसला हो सकता है। CEO पद की दौड़ में अभी तीन नाम सबसे आगे हैं। इनमें प्रयागराज के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे और गोंडा के पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा प्रमुख हैं।
जानिए कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडे?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले राजेश पांडे, उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के IPS अधिकारी थे। वे प्रमोशन के जरिए IPS अधिकारी बने। उन्हें सबसे पहले 21 फरवरी, 1989 को UP पुलिस में DSP के तौर पर नियुक्त किया गया था और 2003 में वे IPS अधिकारी बने। राजेश पांडे 30 जून, 2021 को UP पुलिस में IG (इलेक्शन सेल) के पद पर रहते हुए रिटायर हुए। उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर भी जाना जाता है और वे UP STF और UP ATS के संस्थापक सदस्य थे।
कौन हैं पूर्व IAS योगेश्वर मिश्रा?
योगेश्वर राम मिश्रा 2005 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उनका जन्म 8 मई 1964 को हुआ था। अपने करियर के दौरान, उन्होंने कई पदों पर काम किया, जिनमें जूनियर स्केल ऑफिसर, जिला मजिस्ट्रेट, विशेष सचिव और डिविजनल कमिश्नर शामिल हैं। उनकी सबसे हालिया नियुक्ति गोंडा, उत्तर प्रदेश के डिविज़नल कमिश्नर के तौर पर हुई थी, जो 18 मई 2023 से प्रभावी थी। उन्होंने भू-राजस्व विभाग में जनगणना संचालन निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। योगेश्वर मिश्रा को उत्तर प्रदेश सरकार के भीतर विभिन्न प्रशासनिक भूमिकाओं का व्यापक अनुभव है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर टिकी सबकी निगाहें
2 सितंबर को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक, राम मंदिर निर्माण की मौजूदा स्थिति, मंदिर परिसर के भीतर की व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से बहुत अहम मानी जा रही है। राम लला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और मंदिर परिसर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी मुद्दों के साथ-साथ निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, ट्रस्ट के सदस्य श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और राम मंदिर परिसर के लिए भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं। (एजेंसी)

