छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा आदेश, निगम-मंडल के 18 पदाधिकारियों को मिला मंत्री का दर्जा
Raipur News: छत्तीसगढ़ सरकार ने अलग-अलग आयोगों, निगमों, बोर्डों और अकादमियों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों को मंत्री स्तर का दर्जा देने का अहम फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, राज्य के तीन बड़े आयोगों के अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है, जबकि अलग-अलग निगमों, कल्याण बोर्डों और अकादमियों के 15 अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। सरकार के इस फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक, दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है।
तीन आयोग अध्यक्षों को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा
जारी आदेश के अनुसार, रामलाल चौहान (राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष), रूप सिंह मंडावी (राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष) और डॉ. ममता साहू (राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष) को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। नतीजतन, वे राज्य में कैबिनेट मंत्री को मिलने वाले प्रोटोकॉल और सुविधाओं के हकदार होंगे।
15 अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा
राज्य के विभिन्न विकास निगमों, कल्याण बोर्डों और अकादमियों से जुड़े 15 अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।इनमें राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद, संस्कृत विद्या मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत, शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र नायक, राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम और राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष एजाज मिर्जा बेग शामिल हैं।
अन्य पदाधिकारियों को भी मिला लाभ
सरकारी आदेश के तहत, कई पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। इनमें भोजराज देवांगन (अध्यक्ष, राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ), प्रभात मिश्रा (अध्यक्ष, राज्य राजभाषा आयोग), सुषमा जेठानी (अध्यक्ष, राज्य सिंधी अकादमी) और शशिकांत द्विवेदी (अध्यक्ष, राज्य सहकारी विपणन संघ) शामिल हैं। इस फैसले से संबंधित पदाधिकारियों का आधिकारिक दर्जा और प्रोटोकॉल से जुड़े अधिकार बढ़ जाएंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम फैसला
छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले को राज्य के विभिन्न संस्थानों और आयोगों को ज्यादा महत्व देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे इन संस्थानों को अपने कामकाज को और बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी। आदेश जारी होने के बाद, इस फैसले पर राजनीतिक हलकों में भी जोरदार चर्चा शुरू हो गई है। (एजेंसी)

