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ऑस्ट्रेलिया में AI से बने गानों पर बैन, जिस गाने ने तोड़े रिकॉर्ड उसी से खुला बड़ा राज

ऑस्ट्रेलिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से बनाए गए गानों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब पूरी तरह AI से तैयार किए गए गाने ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक म्यूजिक चार्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे। यह फैसला एक ऐसे AI गाने के विवाद के बाद आया है, जिसने ऑस्ट्रेलिया में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की और कई हफ्तों तक म्यूजिक चार्ट में अपनी जगह बनाए रखी।

इस पूरे मामले की शुरुआत क्वींसलैंड के DJ जोश फवाज द्वारा मशहूर अमेरिकी सिंगर मैडोना के लोकप्रिय गाने ‘Like a Prayer’ का AI वर्जन तैयार करने से हुई। यह गाना देखते ही देखते लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया और ऑस्ट्रेलिया के टॉप-20 म्यूजिक चार्ट में 16 हफ्तों तक बना रहा। इतना ही नहीं, यह गाना चार्ट में नंबर-2 तक पहुंच गया। लेकिन जब गाने के पीछे AI के इस्तेमाल की बात सामने आई तो म्यूजिक इंडस्ट्री में विवाद खड़ा हो गया।

AI से बना गाना पहुंचा नंबर-2 तक

‘Like a Prayer’ के इस नए वर्जन को लोगों ने खूब सुना। गाना लगातार कई हफ्तों तक चार्ट में बना रहा और नंबर-2 तक पहुंच गया। इसे करोड़ों बार स्ट्रीम किया गया। शुरुआत में यह एक सामान्य म्यूजिक रिलीज की तरह ही आगे बढ़ता रहा, लेकिन बाद में गाने में AI के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे।

विवाद बढ़ने के बाद DJ जोश फवाज ने माना कि इस गाने में AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। बताया गया कि गाने की आवाज और ड्रम समेत कुछ अहम हिस्से AI की मदद से तैयार किए गए थे। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या पूरी तरह या बड़े स्तर पर AI से तैयार किए गए गाने को इंसानी कलाकारों के साथ आधिकारिक म्यूजिक चार्ट में जगह मिलनी चाहिए?

31 अगस्त से बदल जाएंगे म्यूजिक चार्ट के नियम

विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियन रिकॉर्डिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन यानी ARIA ने अपने नियमों में बदलाव किया है। नए नियम 31 अगस्त 2026 से लागू होंगे।

इन नियमों के तहत चार्ट में शामिल होने वाले गाने में इंसानी रचनात्मक योगदान जरूरी होगा। गाने के बोल, मुख्य आवाज और प्रमुख म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों में इंसानी योगदान होना चाहिए। पूरी तरह AI से तैयार किए गए गाने अब आधिकारिक चार्ट में जगह नहीं बना सकेंगे।

AI का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि संगीत बनाने में AI का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अगर कोई कलाकार AI को सिर्फ एक सहायक तकनीक के रूप में इस्तेमाल करता है, तो उसका गाना चार्ट के लिए योग्य हो सकता है।

उदाहरण के तौर पर साउंड मिक्सिंग, ऑटो-ट्यून, ड्रम मशीन या म्यूजिक प्रोडक्शन से जुड़े तकनीकी कामों में AI का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन गाने की मुख्य आवाज या प्रमुख इंस्ट्रूमेंट ही AI से तैयार किया गया है तो उस रिकॉर्डिंग की पात्रता पर सवाल उठ सकता है।

गाना चार्ट के लिए जमा करते समय कलाकारों को यह जानकारी भी देनी होगी कि उन्होंने AI का इस्तेमाल किया है या नहीं और अगर किया है तो किस तरह किया गया है।

नियम तोड़े तो चार्ट से बाहर होगा गाना

ARIA ने नियमों को काफी सख्त किया है। अगर कोई गाना चार्ट में शामिल होने के बाद नियमों के मुताबिक अयोग्य पाया जाता है तो उसे चार्ट से हटाया जा सकता है। उसकी रैंकिंग में भी बदलाव किया जा सकता है।

इतना ही नहीं, अगर कोई गाना पहले नंबर-1 तक पहुंच चुका हो और बाद में यह सामने आए कि वह निर्धारित नियमों के मुताबिक योग्य नहीं था, तो उसकी उपलब्धि को भी संशोधित किया जा सकता है। ऐसे गानों को म्यूजिक अवॉर्ड के लिए भी योग्य नहीं माना जाएगा।

हालांकि कलाकारों को अपना पक्ष रखने और यह साबित करने का मौका दिया जाएगा कि उनकी रिकॉर्डिंग नियमों के मुताबिक योग्य है।

इंसानी कलाकारों की मेहनत बचाने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले का सबसे बड़ा उद्देश्य इंसानी कलाकारों की रचनात्मकता और उनकी मेहनत को महत्व देना है। AI के जरिए कुछ ही समय में आवाज, म्यूजिक और पूरे गाने तैयार किए जा सकते हैं। ऐसे में कलाकारों के अधिकार, श्रेय और कमाई को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो रही है।

म्यूजिक इंडस्ट्री में यह चिंता भी बढ़ रही है कि अगर AI से तैयार गाने बड़ी संख्या में चार्ट में आने लगे तो इंसानी कलाकारों के लिए प्रतिस्पर्धा और मुश्किल हो सकती है।

दुनिया के दूसरे देशों में भी बदल रहे नियम

AI से बने संगीत को लेकर नियमों में बदलाव सिर्फ ऑस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई देशों में म्यूजिक चार्ट और इंडस्ट्री संगठन AI-generated music को लेकर नए नियम और पारदर्शिता की व्यवस्था तैयार कर रहे हैं।

अब ऑस्ट्रेलिया ने भी साफ कर दिया है कि आधिकारिक म्यूजिक चार्ट में इंसानी रचनात्मकता को प्राथमिकता दी जाएगी। ‘Like a Prayer’ के AI वर्जन का विवाद इस बदलाव की बड़ी वजहों में से एक बना है।

AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में म्यूजिक इंडस्ट्री इंसानी कलाकारों और AI के बीच कोई संतुलन बना पाएगी? फिलहाल ऑस्ट्रेलिया ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, चार्ट में जगह पाने के लिए इंसानी योगदान जरूरी होगा।

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