देश में सबसे पहले महाकाल के दरबार में मनेगा रक्षाबंधन: भस्म आरती में अर्पित होगी दिव्य राखी, लगेगा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में हर तीज-त्योहार की शुरुआत सबसे पहले राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर के आंगन से होने की सदियों पुरानी परंपरा है। इसी दिव्य परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी रक्षाबंधन का पावन पर्व सबसे पहले बाबा महाकाल के दरबार में मनाया जाएगा। पर्व के दिन तड़के होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में भगवान महाकाल को देश की पहली राखी अर्पित की जाएगी। भगवान महाकाल को रक्षासूत्र अर्पित होने और महाभोग लगने के बाद ही पूरे देश में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने की शुरुआत करेंगी।

पुजारी परिवार ने 3 दिन की कड़ी मेहनत से बनाई अलौकिक राखी
इस वर्ष भस्म आरती की सेवा का दायित्व पुजारी राजेश शर्मा, जितेंद्र शर्मा और आकाश शर्मा के परिवार के पास है।
महिलाओं की भक्ति: पुजारी परिवार की महिलाओं और बहुओं ने मिलकर करीब 2 से 3 दिनों की अखंड भक्ति और मेहनत से बाबा के लिए एक विशाल एवं भव्य राखी तैयार की है।

शिव प्रतीकों का संगम: इस विशेष राखी में भगवान शिव के प्रिय प्रतीक—त्रिपुंड, ॐ, स्वास्तिक, रुद्राक्ष, नंदी और डमरू को बेहद कलात्मक ढंग से पिरोया गया है।

देशभर के भक्तों का योगदान: इस दिव्य राखी की विशेषता यह भी है कि इसमें देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा भेजी गई पूजन-सामग्री और सजावटी वस्तुओं को भी श्रद्धापूर्वक समाहित किया गया है।

सवा लाख लड्डुओं का महाभोग और विश्व कल्याण की प्रार्थना
पुजारी परिवार के अनुसार, यह सिर्फ एक रक्षासूत्र नहीं बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है।भस्म आरती के दौरान यह पावन राखी बाबा महाकाल के चरणों में अर्पित कर उनसे समस्त देशवासियों की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और कल्याण की प्रार्थना की जाएगी। रक्षाबंधन के इस महापर्व पर बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं

