बहन बनी फर्जी IAS, भाई बना मददगार; सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से ठगी
Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी में सरकारी नौकरी दिलाने के लालच में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक बनकर तृप्ति सिंह राजपूत ने चार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उच्च पद पर होने का दावा करते हुए तृप्ति ने उन्हें सरकारी नौकरी और अच्छे वेतन का आश्वासन दिया।
यह घटना 7 अप्रैल, 2025 का बताया जा रहा है। तृप्ति सिंह, उनके भाई सुधांशु सिंह और अन्य साथी चंदेरी घूमने गए थे और किला कोठी में ठहरे हुए थे। वहीं पर युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे पैसे मांगे गए। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में दो भाई-बहन को आईएएस अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पर्यटन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रमुख बनकर लोगों से लगभग 9,80,000 रुपये की ठगी की।
लोगों को झांसा देकर करते थे ठगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तृप्ति सिंह राजपूत और उनके भाई सुधांशु राजपूत के रूप में हुई है। वे 7 अप्रैल को तनुज वैश्य और अंजली सिंह नामक दो अन्य साथियों के साथ चंदेरी गए थे, जो किला कोठी में ठहरे हुए थे। उन्होंने स्थानीय लोगों को बहला-फुसलाकर उन्हें प्रभावित किया।
फर्जी ‘एडिशनल डायरेक्टर’ और भाई गिरफ्तार
तृप्ति सिंह ने खुद को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताया और उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय में अच्छे वेतन वाली सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह विभाग की प्रमुख हैं। नौकरी के बदले उन्होंने प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपये की मांग की। पीड़ित भाई-बहनों की बातों में आ गए और उन पर भरोसा करते हुए किला कोठी में उन्हें 9,80,000 रुपये नकद दे दिए। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए। उन्होंने बाकी के दो लाख रुपये बाद में देने का वादा किया।
भाई-बहन कई लोगों को ठगा
ये शातिर भाई-बहन इतने दुस्साहसी हो गए कि पर्यटन विभाग के एक कर्मचारी, एक गाइड, एक शिक्षक और एक बेरोजगार युवक को ठगने के बाद शनिवार को चंदेरी किले की कोठी पर फर्जी नियुक्ति पत्र देने गए। वहां उन्होंने पीड़ितों से काफी देर तक बातचीत की। जब मामला सुलझ नहीं पाया, तो पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजीव मिश्रा ने चंदेरी पुलिस स्टेशन के प्रभारी को तुरंत उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
चंदेरी पुलिस कर रही है पूरे नेटवर्क की जांच
चंदेरी पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने नौकरी के नाम पर पहले कितने लोगों को धोखा दिया है। वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि आरोपियों ने फर्जी अधिकारियों का रूप धारण करके सरकारी विभागों और अधिकारियों के नामों का इस्तेमाल कैसे किया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ, इस पूरे घोटाले के बारे में और भी खुलासे होने की संभावना है।(एजेंसी)

