अमेरिका को ईरान की दो टूक: ‘पूरी दुनिया मान चुकी है हमारी जीत, अब खत्म हो युद्ध, लेकिन सरेंडर कभी नहीं करेंगे’
डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब एक नए और निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। दोनों देशों के बीच 60 दिनों की डेडलाइन पूरी होने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सख्त प्रतिबंधों की धमकी दिए जाने के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का एक बेहद अहम बयान सामने आया है।
ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में अमेरिका को संदेश दिया है कि अब युद्ध खत्म करने का वक्त आ गया है लेकिन ईरान किसी भी कीमत पर अमेरिका के सामने घुटने नहीं टेकेगा।
‘हम मजबूत स्थिति में हैं, दुनिया ने मानी हमारी जीत’
तेहरान में आयोजित ईरानी मेडिकल सोसाइटी के इस्लामिक एसोसिएशन की 31वीं महासभा में राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ चल रहा यह युद्ध अब किसी न किसी मोड़ पर खत्म होना ही चाहिए।
पेजेश्कियन ने दावा किया कि यह बेहतर है कि हम आज ही युद्ध खत्म कर दें। आज हम शक्ति और सम्मान की स्थिति में हैं। पूरी दुनिया हमारी जीत को स्वीकार कर रही है।
अमेरिका पर बोला तीखा हमला
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुनिया देख रही है कि अमेरिका ने किस तरह से सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। उन्होंने अमेरिका पर ईरान के स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि इसी वजह से आज पूरी दुनिया में अमेरिका की कड़ी आलोचना हो रही है।
‘जून का समझौता हमारी बड़ी उपलब्धि’
पेजेश्कियन ने जून महीने में ईरान और अमेरिका के बीच हुए ज्ञापन समझौते का जिक्र करते हुए इसे ईरान की एक ‘बड़ी उपलब्धि’ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में ऐसा कोई भी क्लॉज नहीं है, जो ईरान के आत्मसमर्पण को दर्शाता हो। इस समझौते को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने पूरी एकजुटता के साथ पास किया था।
युद्ध हुआ तो ‘आखिरी सांस तक लड़ेंगे’
अपने भाषण के अंत में राष्ट्रपति ने कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी न समझा जाए।
पेजेश्कियन ने हुंकार भरते हुए कहा कि अगर हम पर फिर से हमला किया गया, तो हम किसी भी परिस्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। हम आखिरी सांस तक डटे रहेंगे और करारा जवाब देंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की सेना और सैन्य कमांडर देश की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद और तैयार हैं।

