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बिहार में अफसरों के लिए नया नियम, MLA-MP का फोन नहीं उठाया तो करना होगा कॉल बैक

पटनाः बिहार सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे MLAs और MPs की गरिमा से जुड़े प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें। इन दिशानिर्देशों के तहत, अगर कोई अधिकारी किसी वजह से MLA या MP का फोन नहीं उठा पाता है, तो उन्हें वापस फोन करना होगा। राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों को विधायकों के फोन का तत्काल जवाब देने, पत्राचार की सूचना देने और उनके कार्यालय आने पर सम्मानजनक व्यवहार करने का निर्देश दिया गया।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से लिखा गया पत्र

सरकारी प्रोटोकॉल से जुड़े एक आदेश में, सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जन-प्रतिनिधियों के पद और सम्मान का उचित ध्यान रखें। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सोहेल ने इस संबंध में सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, सभी संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है।

17 जुलाई को स्पीकर ने वरीय पदाधिकारियों के साथ की थी बैठक

सामान्य प्रशासन विभाग के एक आदेश में कहा गया है कि राज्य के सभी अधिकारियों को जन-प्रतिनिधियों के संबंध में जरूरी प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। सरकार के पत्र में बताया गया है कि विधानसभा अध्यक्ष ने 17 जुलाई, 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें विधानसभा सदस्यों (MLA) के प्रति अपेक्षित प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

विधायकों के पत्र पर कार्रवाई करें

सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र में कहा गया है कि विधायकों के मोबाइल फोन पर आने वाली कॉल का तुरंत जवाब दिया जाना चाहिए। अगर किसी खास वजह से आप कॉल का जवाब नहीं दे पाते हैं, तो आपको जल्द से जल्द कॉल वापस करके संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, विधायकों से मिलने वाले किसी भी पत्र या संदेश की प्राप्ति की सूचना तुरंत दी जानी चाहिए। साथ ही उस पर की गई कार्रवाई या वर्तमान स्थिति के बारे में समय सीमा के अंदर सभी सदस्यों को अवगत कराएं। जब कोई विधायक-विधान पार्षद अधिकारी के कार्यालय में भेंट करने आएं, तब उनके पद एवं गरिमा के अनुरूप प्रोटोकॉल, शिष्टाचार दें। साथ ही सम्मानजनक व्यवहार करें।

दफ्तर पहुंचने पर देना होगा पूरा सम्मान

अगर कोई सांसद या विधायक सरकारी काम के सिलसिले में किसी अधिकारी के दफ्तर जाता है, तो उन्हें उनके पद के मुताबिक सम्मान और जरूरी प्रोटोकॉल दिया जाएगा। सरकार ने कहा है कि जन-प्रतिनिधि जनता और प्रशासनिक तंत्र के बीच एक अहम कड़ी का काम करते हैं; इसलिए, पुलिस अधिकारियों, डिविजनल कमिश्नरों, जिला मजिस्ट्रेटों और सभी विभागों के अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने इस संबंध में पूर्व में किए गए पत्राचार का हवाला दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि विधायकों से पूरे तौर पर शिष्टाचार से बात करें और प्रोटोकॉल का पालन करें। (एजेंसी)

 

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