कुर्सी का इशारा या ‘वंदे मातरम’ रोकने की कोशिश? सोनिया-राहुल के वीडियो पर बीजेपी का करारा हमला
नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हुए ध्वजारोहण के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ध्वजारोहण के समय ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी के हाव-भाव का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे हथियार बनाकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है।
क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में?
कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ बज रहा था। मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और कुछ दूरी पर राहुल गांधी खड़े थे। राष्ट्रगीत का तीसरा और चौथा छंद बजने के दौरान राहुल गांधी ने सोनिया गांधी और खरगे की तरफ देखा। इसके तुरंत बाद सोनिया गांधी ने खरगे जी से कुछ बातचीत की और पास खड़े एक कार्यकर्ता से भी इशारा किया।
भाजपा का तीखा वार
गुजरात बीजेपी के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल ने यह वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने वोट बैंक को साधने के लिए राष्ट्रगीत का अपमान किया और ‘वंदे मातरम’ को बीच में ही रुकवाने की कोशिश की।
किसी ने कही ‘कुर्सी’ की बात तो कोई बोला ‘परंपरा’
घटना के बाद आए अलग-अलग बयानों ने विवाद को और हवा दे दी है:
कार्यकर्ता का विवादित दावा: इंदिरा भवन में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता शकील अहमद के बयान ने बहस छेड़ दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हमेशा से वंदे मातरम के केवल दो ही छंद गाने का चलन रहा है ताकि किसी दूसरे वर्ग को आपत्ति न हो। हो सकता है सोनिया जी ने पूरा गीत बजने पर बात की हो, और अगर ऐसा है तो हम इसका स्वागत करते हैं। वहीं कुछ अन्य लोगों का दावा था कि सोनिया गांधी खरगे जी के लिए कुर्सी या पानी मांग रही थीं।
शीर्ष नेताओं का खंडन: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बीजेपी के दावों को झूठा करार देते हुए साफ किया कि राष्ट्रगीत को रोकने का कोई प्रयास नहीं हुआ था। सोनिया गांधी केवल खरगे जी के बैठने के लिए सीट की व्यवस्था करने को कह रही थीं। वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भी कहा कि कार्यक्रम पूरी मर्यादा से संपन्न हुआ और कोई विवाद नहीं था।

