Gen Z पर मोहन भागवत ने जताया ‘अंधा भरोसा’, प्रियंका गांधी बोलीं- हमें उनके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि वह नई पीढ़ी पर भरोसा करते हैं, लेकिन किसी भी विवादित घटना पर बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
प्रियंका गांधी का जवाब
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें RSS प्रमुख से किसी तरह के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों पर वास्तविक जवाबदेही तय होना ज्यादा महत्वपूर्ण है, न कि प्रमाणपत्र देना।
के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यदि RSS नेतृत्व वास्तव में छात्रों और Gen Z की चिंता करता है, तो उसे छात्र आंदोलनों के दौरान हुई घटनाओं पर भी खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने और कार्रवाई की मांग की।
read more : MP में 19,062 पदों पर बंपर भर्तियां, TET-कांस्टेबल समेत 12 भर्ती परीक्षाएं, ESB ने जारी किया शेड्यूल
क्या बोले थे मोहन भागवत?
एक कार्यक्रम के दौरान करीब दो हजार Gen Z और Gen Alpha के युवाओं से संवाद करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी घटना पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग बातें सामने आती हैं, इसलिए तथ्यों की पुष्टि के बिना किसी पक्ष को सही या गलत ठहराना उचित नहीं होगा। भागवत ने यह भी कहा कि उन्हें नई पीढ़ी पर विश्वास है, लेकिन किसी भी आंदोलन या घटना को समझने के लिए सभी तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया
मोहन भागवत के इस बयान के बाद कांग्रेस और RSS के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्षी नेताओं ने छात्र आंदोलनों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जबकि RSS प्रमुख ने तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालने की बात दोहराई है।

