जयपुर में छात्रों का हाई-वोल्टेज प्रदर्शन, 24 घंटे से पानी टंकी पर डटे छात्र, बोले—लिखित आश्वासन मिलेगा तभी उतरेंगे
Jaipur News: एनएसयूआई से जुड़े तीन छात्रों का छात्र संघ चुनाव दोबारा कराने की मांग को लेकर जयपुर के टोंक गेट स्थित पानी की टंकी पर विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी छात्र टंकी से नीचे नहीं उतरे हैं। प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उन्हें सरकार से लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। टंकी पर चढ़ने वाले छात्रों में विजयपाल कुड़ी, कोशन खान और वियोना जाट शामिल हैं। ये तीनों छात्र राज्य में छात्र संघ चुनाव बहाल करने और जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले चार वर्षों से राज्य में छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। घटनास्थल पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
राजस्थान में छात्र संघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर युवा शक्ति, जिसे ‘Gen-Z’ भी कहा जाता है। आंदोलन हिंसक और संवेदनशील मोड़ ले चुका है। राजधानी जयपुर में, छात्र नेताओं का विरोध प्रदर्शन राजस्थान विश्वविद्यालय (आरयू) परिसर से लेकर सड़कों तक फैल गया है, जिससे राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग की नींद उड़ गई है। छात्र संघ चुनाव कराने के लिए दृढ़ संकल्पित युवाओं को चरम उपायों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जयपुर के टोंक फाटक इलाके में एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र नेता पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में छात्र नेता लक्ष्यराज लुहारिया ने भूमि समाधि की घोषणा की है। इसके अलावा, सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवड़ जब बीमार पड़ गए, तो पुलिस ने उन्हें जबरन अस्पताल से निकालकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन छात्र नेता ने अस्पताल के बिस्तर से भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है।
पुलिस छात्रों से संवाद का लगातार प्रयास जारी
टंकी पर चढ़कर उन्होंने छात्रों से बात की और उन्हें सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश की। पुलिस लाउडस्पीकर और मोबाइल फोन के जरिए छात्रों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एसडीआरएफ टीम ने पानी की टंकी के चारों ओर सुरक्षा जाल लगा दिया है। दो एसीपी, कई थाना प्रभारी, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक चिकित्सा दल और एम्बुलेंस भी मौजूद हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है छात्रसंघ चुनाव मामला
छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह से छात्र हितों से संबंधित हैं। उनका आरोप है कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छात्र संघ चुनाव बंद कर दिए गए थे और उन्हें फिर से शुरू नहीं किया गया है। छात्र संघ चुनावों से संबंधित मामला फिलहाल राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित है, लेकिन प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाए और सकारात्मक कार्रवाई करे। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उन्हें बिना किसी नुकसान के नीचे उतारने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन तीनों छात्र अभी भी टैंक में ही हैं। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। (एजेंसी)

