Datia By Election 2026: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का बड़ा प्लान, बॉर्डर से बूथ तक तैनात होंगी टीमें,
दतिया उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की निगरानी के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। ग्वालियर, शिवपुरी और झांसी बॉर्डर पर कांग्रेस के नेता और विधायक तैनात रहेंगे।
मध्य प्रदेश के दतिया में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। पार्टी ने चुनाव के दौरान संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की ओर से बॉर्डर और आसपास के इलाकों में नेताओं और विधायकों की तैनाती की जाएगी।
दतिया बॉर्डर पर कांग्रेस की विशेष निगरानी
कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए अलग अलग इलाकों में नेताओं की जिम्मेदारी तय की है। ग्वालियर के डबरा में कांग्रेस विधायक मौजूद रहेंगे, जबकि शिवपुरी के दिनारा में PCC चीफ जीतू पटवारी की मौजूदगी रहेगी। झांसी में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता मोर्चा संभालेंगे।
पार्टी ने बूथ मॉनिटरिंग के लिए भी विशेष टीमें तैयार की हैं। संवेदनशील बूथों की निगरानी के लिए करीब 40 किलोमीटर के दायरे में तीन टीमों को सक्रिय किया गया है।
जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दतिया उपचुनाव को लेकर PCC चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सरकार अधिकारियों के जरिए चुनाव में गड़बड़ी कराने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर लगातार नजर रखी जाएगी।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की अधिकारियों की शिकायत
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से भी अधिकारियों को लेकर शिकायत की है। पार्टी का आरोप है कि कुछ अधिकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का सहयोग नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम करने का आरोप भी लगाया है।
कांग्रेस की ओर से इस मामले में कलेक्टर और एसपी से भी शिकायत किए जाने की बात कही गई है। पार्टी ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होना है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा। चुनाव के नतीजे 3 अगस्त को मतगणना के बाद सामने आएंगे।
दतिया में कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 233 मतदान केंद्र संवेदनशील और 28 मतदान केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। विधानसभा क्षेत्र में कुल करीब 2 लाख 20 हजार मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
सुरक्षा के लिए हजारों जवान तैनात
शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। चुनाव ड्यूटी के लिए CRPF की 16 कंपनियों के करीब 1600 जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा SAF के 150 जवान, दतिया पुलिस के करीब 600 जवान और 200 होमगार्ड जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
हर मतदान केंद्र पर एक पुलिस अधिकारी सहित छह सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सशस्त्र बल तैनात रहेगा।
CCTV कैमरों से होगी निगरानी
दतिया विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए 36 पुलिस पेट्रोलिंग टीमें और QRT सक्रिय रहेंगी। प्रत्येक सेक्टर में पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में लगातार गश्त की जाएगी।
सभी पेट्रोलिंग टीमें कंट्रोल रूम से वायरलेस और मोबाइल नेटवर्क के जरिए जुड़ी रहेंगी। मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर थाना क्षेत्र में रिजर्व पुलिस बल भी तैयार रहेगा।
EVM स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे सुरक्षा
चुनाव के दौरान EVM स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्र की सुरक्षा के लिए 24 घंटे बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि मतदान से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराया जाए।
दतिया उपचुनाव में एक तरफ कांग्रेस ने बूथ स्तर तक निगरानी के लिए विशेष टीमों को मैदान में उतारा है, वहीं प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर सभी की नजर रहेगी।

