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CJP Protests: कॉकरोच जनता पार्टी फिर शुरू करेगी देशव्यापी आंदोलन! मोदी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप, 25 जुलाई के समझौते पर मचा बवाल

CJP Protest News: देश भर में गरमाए नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा सुधार विवाद के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। CJP ने केंद्र की मोदी सरकार पर 25 जुलाई को हुए समझौते का पालन न करने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे पूरे देश में दोबारा उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

‘लिखित आश्वासन नहीं मिला तो मंगलवार से फिर होगा आंदोलन’

राज्यसभा सांसद और देश के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई वार्ता में जो सहमति बनी थी, उसकी लिखित प्रति यदि मंगलवार तक पार्टी को नहीं सौंपी गई, तो CJP पूरे देश में अपना विरोध प्रदर्शन पुनः शुरू कर देगी। सौरव दास ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्रों और आंदोलनकारियों को अभी भी अवैध रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें पुलिस की प्रताड़ना व लगातार निगरानी (Surveillance) का सामना करना पड़ रहा है।

‘सरकार ने तोड़ा वादा, एफआईआर वापस ले पुलिस’

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए CJP के एक अन्य प्रवक्ता अभिषेक रांका ने दावा किया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का अपना लिखित और मौखिक वादा पूरी तरह से तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में निर्दोष छात्रों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जबकि दिल्ली में आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवकों को पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार परेशान कर रही हैं। CJP ने पुरजोर मांग की है कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) तुरंत रद्द की जाएं और दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों व एनडीए (NDA) शासित राज्यों की पुलिस द्वारा कोई नया मामला दर्ज न किया जाए।

क्या हुआ था 25 जुलाई के समझौते में?

CJP के नेताओं के मुताबिक, 25 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इस वार्ता में चार प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी थी:

  • आंदोलनकारियों और छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर पूरी तरह वापस ली जाएंगी।
  • भविष्य में आंदोलन से जुड़े किसी भी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
  • कथित NEET पेपर लीक से जुड़े तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ितों के परिवारों को अधिकतम संभव वित्तीय मुआवजा दिया जाएगा।
  • परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े CJP के 5-सूत्रीय प्रस्ताव पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।

कपिल सिब्बल का बड़ा ऐलान: 1 करोड़ रुपये की मदद और ‘साक्षी’ प्लेटफॉर्म

इस पूरे विवाद में वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल खुलकर CJP और छात्रों के समर्थन में आ गए हैं। सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शनकारियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए ‘साक्षी’ (Sakshi) नाम से एक डिजिटल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की। इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्र और नागरिक पुलिस कार्रवाई, प्रताड़ना और फर्जी मुकदमों से जुड़े वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर अपलोड कर सकेंगे।

कपिल सिब्बल ने इस कानूनी सहायता मंच की स्थापना के लिए व्यक्तिगत रूप से 1 करोड़ रुपये का योगदान देने का ऐलान किया। साथ ही, उन्होंने देश भर के वरिष्ठ और युवा वकीलों से अपील की कि वे आगे आएं और आंदोलनकारी छात्रों को अदालतों में निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं।

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