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सावन में विश्वनाथ धाम में प्लास्टिक के लोटे पर रोक, सात द्वारों से होगा कांवड़ियों का प्रवेश

Sawan Preparation in Varanasi : सावन के महीने में वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले भक्तों और कांवड़ियों के लिए मंदिर प्रशासन ने सात गेटों से प्रवेश की व्यवस्था की है। साथ ही, प्लास्टिक के बर्तनों (लोटों) और टोकरियों पर रोक लगा दी गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, पूरे सावन महीने के लिए मंदिर परिसर को ‘नो-प्लास्टिक जोन’ घोषित किया गया है। इसके अलावा, भक्तों को बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा देने के लिए LED स्क्रीन भी लगाई गई हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर में प्लास्टिक पर प्रतिबंध

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक ऑफिसर विश्व भूषण मिश्रा ने बताया है कि इस साल सावन के पवित्र महीने में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने की उम्मीद है। उन्होंने कांवड़ियों से अपील की है कि वे ‘डलिया’ (टोकरी/पूजा की सामग्री) न लाएं, क्योंकि इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, दर्शन, स्वास्थ्य सेवा, पीने के पानी, ट्रैफिक और भीड़-भाड़ को संभालने से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

24 घंटे सीसीटीवी से होगी निगरानी

SDM शंभू शरण के अनुसार, पुलिस, CRPF, NDRF, वॉटर पुलिस, जिला प्रशासन, मेडिकल विभाग, नगर निगम और PWD जैसे कई विभागों के साथ मिलकर इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, मंदिर परिसर में पहले ही 289 CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 44 कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी एक कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे की जाएगी।

इन मार्गों से प्रवेश

मंदिर प्रशासन ने बताया कि भक्तों के दर्शन और पूजा-अर्चना को आसान बनाने के लिए सात रास्ते खोले गए हैं। भक्त सिलिकॉन गली, नंदू फरिया, ढूंढी राज द्वार, सरस्वती द्वार, गंगा द्वार और गेट नंबर 4B से बाबा विश्वनाथ की पूजा के लिए सीधे प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, गेट नंबर 4, शंकराचार्य चौक, ज्ञानवापी कूप, यात्री सुविधा केंद्र 1, यात्री सुविधा केंद्र 2 गंगा निकास द्वार और भैरव द्वार के पास LED स्क्रीन लगाई गई हैं, जिससे भक्त बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन कर सकें।

5 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

इस बीच, अगर भीड़ बढ़ती है तो गाड़ियों को बाहरी घेरे पर ही रोक दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने पार्किंग के लिए 37 जगहें तय की हैं। सुरक्षा पक्की करने के लिए शहर को 5 जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा इंतजामों के लिए कुल 5,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें पांच IPS अधिकारी और 50 राजपत्रित अधिकारी शामिल होंगे। दो-पहिया, चार-पहिया और भारी गाड़ियों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्थाएं की गई हैं। रोहनिया, मंडुवाडीह, दशाश्वमेध और आदमपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

मेडिकल कैम्प की भी व्यवस्था

मंदिर प्रशासन ने विश्वनाथ धाम परिसर में पांच मेडिकल सहायता केंद्र और मेडिकल कैंप बनाए हैं—ये मुख्य मंदिर परिसर, शंकराचार्य चौक, मल्टीपर्पस हॉल के बाहर, NDRF मेडिकल कैंप साइट और रिफ्रेशमेंट सेंटर के पास स्थित हैं। इसके साथ ही, मुफ्त एम्बुलेंस सेवा और ‘आरोग्य चिकित्सालय’ नाम का एक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी शुरू किया गया है। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 19 जगहों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को ओआरएस और ग्लूकोज का घोल भी दिया जाएगा। धूप की वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो इसके लिए अस्थाई और स्थाई शेड की भी व्यवस्था की गई है।(एजेंसी)

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