गोवंश संरक्षण को लेकर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी, अलग मंत्रालय बनाने की उठी मांग
Bundi Rajasthan News: सोमवार को बूंदी जिला मुख्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बड़ी संख्या में गौभक्त गायों की सुरक्षा, संरक्षण और राष्ट्रीय सम्मान की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर मार्च करने लगे। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा तब भड़क उठा जब प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। गौभक्तों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के बाहर सड़क को अवरुद्ध कर दिया और सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए विरोध जताया। प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को प्रवेश करने और ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
गौसेवकों ने किया प्रदर्शन
देशव्यापी “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत गौ संरक्षण के लिए बूंदी में बड़ी संख्या में गौ रक्षक, संत और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। उन्होंने रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया और मांग की कि जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा जाए। हालांकि, कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में लोगों को प्रवेश करने से रोके जाने पर प्रदर्शनकारी नाराज हो गए।
यातायात हुआ प्रभावित
गौभक्तों ने प्रशासन के फैसले का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर धरना शुरू कर दिया। इससे कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और “गो माता की जय” तथा “गाय बचाओ” के नारे लगाए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। विरोध बढ़ने और माहौल तनावपूर्ण होने पर प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने की अनुमति दी। इसके बाद जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
अलग मंत्रालय की मांग
इस ज्ञापन में देश भर में मवेशियों की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग की गई है। इसमें केंद्र सरकार से गौ संरक्षण के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित करने, गाय को राष्ट्रीय मान्यता देने और मवेशियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक विशेष नीति लागू करने का भी आह्वान किया गया है। इस अभियान से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि यह सिर्फ एक स्थानीय आंदोलन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का जन जागरूकता अभियान है। उनके अनुसार, देश भर की 5,100 तहसीलों से 25.9 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं।इन हस्ताक्षरों के साथ प्रधानमंत्री को स्मरण पत्र भेजकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस और स्थायी नीति बनाने का आग्रह किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार पर दबाव डालना नहीं, बल्कि गौ संरक्षण के महत्वपूर्ण मुद्दे पर ठोस राष्ट्रीय स्तर की पहल को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने तर्क दिया कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि पर्यावरण, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा मुद्दा है।
भारी पुलिस बल तैनात रहा
कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर संक्षिप्त विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए थे। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक तितर-बितर हो गए। हालांकि, इस पूरी घटना ने कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। (एजेंसी)

