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छत्तीसगढ़ में बढ़ सकता है बस किराया, मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन करेगा यातायात महासंघ

Chhattisgarh Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और यात्री किराए में कटौती के विरोध में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। फेडरेशन ने बस किराए में 75% और 30% की बढ़ोतरी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 3 अगस्त को उग्र आंदोलन किया जाएगा।

महासंघ का आरोप है कि परिवहन विभाग ने 11 मार्च, 2025 के नोटिफिकेशन के तहत बस का किराया लगभग 25 प्रतिशत कम कर दिया है। विभाग ने इस कदम के लिए हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया, जबकि कोर्ट ने केवल यह निर्देश दिया था कि छोटे-मोटे खुले पैसे की समस्या को हल करने के लिए किराया राउंड फिगर (पूरे अंकों) में तय किया जाए। फिलहाल, महासंघ आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

विभाग ने आदेश का त्रुटिपूर्ण अर्थ निकालकर किराए को घटा दिया

महासंघ का कहना है कि हाई कोर्ट ने किराया कम करने का कोई आदेश नहीं दिया था; लेकिन विभाग ने आदेश का गलत मतलब निकाला और किराया कम कर दिया, जिससे बस ऑपरेटर गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए। महासंघ ने बताया कि पिछले पांच सालों में सितंबर 2021 से बस चेसिस, बॉडी बनाने, डीजल, टायर, इंश्योरेंस, स्पेयर पार्ट्स और ड्राइवर व कंडक्टर की सैलरी से जुड़ी लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, सरकार के सुरक्षा उपकरणों—जैसे VLTD स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन, रेडियम स्ट्रिप्स और हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट—को अनिवार्य करने के नियम ने बस चलाने के बिजनेस को बहुत महंगा और घाटे का सौदा बना दिया है। अभी, 90 प्रतिशत से ज्यादा बस ऑपरेटर बहुत खराब आर्थिक स्थिति में हैं।

परिवहन मंत्री के साथ मीटिंग के बावजूद नहीं निकला समाधान

महासंघ के अनुसार, परिवहन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पांच महीने पहले हुई मीटिंग के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया। इससे परेशान होकर बस ऑपरेटर अब अपनी गाड़ियां सड़क से हटाने को मजबूर हो रहे हैं। महासंघ ने मांग की है कि 30 सितंबर 2021 के राजपत्र को आधार बनाकर साधारण बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डिलक्स बसों के किराये में 30 प्रतिशत की वृद्धि की अधिसूचना तुरंत जारी की जाए। । इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र की तरह ही डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के हिसाब से किराए में बदलाव करने के लिए एक स्थायी कानून बनाने की मांग की है।

एक दिवसीय धरना का दिया अल्टीमेटम

महासंघ ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर 31 जुलाई तक किराया नहीं बढ़ाया गया, तो 3 अगस्त को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों के बस स्टैंड पर एक दिन का धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अगर 14 अगस्त तक भी कोई फैसला नहीं हुआ, तो पूरे छत्तीसगढ़ में बस सेवा अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी जाएगी और इसके नतीजों की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। (एजेंसी)

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