मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, चौथा राज्य बना MP, सदन में जोरदार हंगामा
मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक विधानसभा से पारित हो गया। चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक सदन से पारित हो गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी देखने को मिली। भारी हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।
विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा और यह समानता तथा न्याय की भावना को मजबूत करेगा।
विधेयक पारित होने के साथ ही मध्य प्रदेश गोवा, उत्तराखंड और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन गया। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष ने विधेयक का विरोध किया और कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। वहीं सत्ता पक्ष ने इसे सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में बड़ा कदम बताया। बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी भी हुई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राज्य में भेदभाव खत्म करने और समान अधिकार देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय है।
विधेयक पारित होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में UCC को लेकर बहस और तेज होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में इसके प्रावधानों और लागू होने की प्रक्रिया पर सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।

