राम मंदिर केस में अब नई SIT बनाएगी सरकार? CJI ने दिए सख्त निर्देश!
Ayodhya Ram Temple
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच पर सवाल उठाए। अदालत ने निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए SIT के पुनर्गठन का सुझाव दिया।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले की जांच जारी है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार ने जांच की प्रगति से जुड़ी रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने जांच की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और यह संज्ञेय अपराध का मामला है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए SIT का पुनर्गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच का नेतृत्व एक इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर के अधिकारी को दिया जाए, जिन्हें मामले की पूरी जानकारी हो। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में विचार कर नई SIT गठित करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और इसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक विवाद से दूर रखा जाए। अदालत ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आगे भी उचित निर्देश जारी किए जाएंगे।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कामत ने अदालत से मांग की कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी की गई दान रसीदों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यह जानकारी मिल सके कि उनका दान सही तरीके से दर्ज हुआ है या नहीं।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सभी रसीदों और दान का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हर दावे का सत्यापन आवश्यक होगा और रिकॉर्ड पारदर्शी एवं व्यवस्थित होना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष जांच के लिए कोर्ट के सुझावों पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।

