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सरकार से बातचीत के बीच CJP का प्रदर्शन जारी, दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल; वांगचुक ने मांगा डिस्चार्ज

CJP Protest

नई दिल्ली। संसद मार्च को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर जल्द डिस्चार्ज देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वह प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होना चाहते हैं।

सरकार से संवाद की कोशिश में CJP

आंदोलन के बीच CJP ने बातचीत का रास्ता भी खुला रखा है। पार्टी के प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए पहुंचे। माना जा रहा है कि इस बैठक में आंदोलन की मांगों और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

दीपके ने खत्म किया अनशन, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन स्पष्ट किया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो प्रदर्शन पहले की तरह जारी रहेगा और संसद मार्च को लेकर निर्णय भी आंदोलनकारियों की सहमति से लिया जाएगा।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ी, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

संसद मार्च की घोषणा के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए, जिन्हें बाद में हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।

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वांगचुक की सेहत पर बनी हुई है नजर

सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से अनशन पर हैं और फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर, उनके समर्थक उन्हें जंतर-मंतर वापस लाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

आंदोलन पर टिकी सबकी नजर

संसद सत्र के बीच चल रहे इस आंदोलन ने राजनीतिक हलकों की भी चिंता बढ़ा दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच चल रही बातचीत किसी समाधान तक पहुंचती है या संसद मार्च को लेकर टकराव और बढ़ता है।

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