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आतंकी नेटवर्क से जुड़े बिहार के 2 लड़के? दंगे की साजिश के आरोप में जांच तेज

सीतामढ़ीः बिहार के सीतामढ़ी में गिरफ्तार किए गए दो युवकों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों युवक पाकिस्तान से संचालित एक सोशल मीडिया नेटवर्क के संपर्क में थे। उन पर इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैलाने और दंगे भड़काने का लगातार दबाव था। घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला कि दोनों युवक व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम ग्रुप के जरिए पाकिस्तानी आतंकवादियों से जुड़े हुए थे।

इस गिरोह का कथित सरगना पाकिस्तानी निवासी राणा हसनैन है। जांच एजेंसियों का दावा है कि राणा हसनैन पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी माना जाता है। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों युवकों को सोशल मीडिया के जरिए लगातार बहकाया जा रहा था, उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे थे और कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव और दंगे जैसी स्थिति पैदा करने के लिए उकसाया जा रहा था।

मोबाइल पर बात करते पकड़े गए आरोपी

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टकौर गांव के कुछ युवक पाकिस्तानी सरगनाओं के लगातार संपर्क में हैं और राष्ट्रविरोधी साजिशें रच रहे हैं। सूचना मिलते ही गाढ़ा थानाध्यक्ष सोनी कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गया। मंगलवार रात करीब दो बजे, टकौर गांव में सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मोबाइल पर बात कर रहे दो युवकों को पुलिस ने घेरकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टकौर गांव निवासी मोहम्मद अख्तर के पुत्र मोहम्मद अखलाक और मोहम्मद अलाउद्दीन के पुत्र मोहम्मद अरमान के रूप में हुई है।

सहजाद भठ्ठी’ नेटवर्क से जुड़े हैं तार

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंटरनेट के माध्यम से पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में थे। वे राणा हुसैन के इशारे पर काम कर रहे थे, जो शहजाद भट्टी के खतरनाक आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ा एक पाकिस्तानी गैंगस्टर था। राणा हुसैन के निर्देश पर वे दिल्ली जाकर एक बड़ा बम धमाका करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन ऐसा करने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।

अन्य संदिग्ध नंबरों की भूमिका की जांच

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खुलासे के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर है। आरोपियों के मोबाइल फोन में मोहम्मद अब्दुल, अहद, दानिश खान और ‘कैफ भाई 123’ के नाम से कई संदिग्ध नंबर सेव किए गए हैं और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। गाढ़ा पुलिस स्टेशन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कड़ियों का पता लगाने के लिए खुफिया एजेंसियों की मदद ले रही है।

नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

सुरक्षा एजेंसियां ​​अब इस बात की जांच कर रही हैं कि दोनों युवक इस नेटवर्क में कब और कैसे शामिल हुए। वे यह भी पता लगा रही हैं कि वे और किन लोगों के संपर्क में थे। वे उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट की गहन जांच कर रही हैं। इस घटना के बाद बिहार समेत अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियां ​​भी सतर्क हो गई हैं। यह पता लगाने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है कि क्या यह कोई बड़ा नेटवर्क है।”(एजेंसी)

 

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