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श्याम भक्तों के लिए जरूरी खबर! 19 घंटे नहीं होंगे बाबा खाटूश्याम के दर्शन

जयपुर: विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। यदि आप इन दिनों बाबा श्याम के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो कृपया पहले यह खबर अवश्य पढ़ेंक्योकि खाटूश्याम मंदिर भक्तों के लिए बंद रहेगा। श्री श्याम मंदिर समिति ने इस संबंध में एक सूचना जारी की है। मंदिर समिति के अनुसार, विशेष पूजा और तिलक श्रृंगार के कारण मंदिर लगभग 19 घंटे के लिए बंद रहेगा, जिससे भक्तों को अस्थायी रूप से दर्शन नहीं हो सकेंगे। श्री श्याम मंदिर समिति ने विशेष पूजा, पारंपरिक तिलक सेवा और दिव्य अलंकरण कार्यक्रमों के कारण मंदिर को 19 घंटे के लिए आम जनता के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। इसलिए, 20 जुलाई को शाम 5 बजे से पहले दर्शन संभव नहीं होंगे।

19 जुलाई रात 10 बजे से बंद होंगे मंदिर के पट

श्री श्याम मंदिर समिति के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान द्वारा जारी एक सूचना के अनुसार, मंदिर 19 जुलाई की रात 10 बजे से 20 जुलाई की शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान गर्भगृह में बाबा श्याम की पारंपरिक विशेष पूजा-अर्चना, तिलक लगाना और भव्य सजावट का आयोजन किया जाएगा। इस अवधि में केवल अधिकृत पुजारियों और पूजा-अर्चना में शामिल लोगों को ही मंदिर के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।

मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान और कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने बताया कि यह पारंपरिक धार्मिक आयोजन हर महीने अमावस्या के बाद एक निर्धारित तिथि पर निर्धारित विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाता है।विशेष सेवा तिलक और अन्य अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद, 20 जुलाई को शाम 5 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन फिर से शुरू कर दिए जाएंगे।

मंदिर कमेटी ने देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं से की अपील

मंदिर कमेटी ने देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना इस समय सारिणी के अनुसार बनाएं, ताकि खाटू धाम पहुंचने पर उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा का सामना न करना पड़े।

दिव्य श्रृंगार के बाद अलौकिक दर्शन देंगे

20 जुलाई को शाम 5 बजे विशेष तिलक सेवा और भव्य श्रृंगार के बाद जब मंदिर के द्वार खुलेंगे, तो भक्तों को बाबा श्याम के दिव्य और अलौकिक रूप के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यही कारण है कि इस दिन की शाम की आरती और दर्शन को विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है। हालांकि, यदि आप भी 20 जुलाई को खाटू धाम जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी यात्रा शाम 5 बजे के बाद ही निर्धारित करें, ताकि आप बिना किसी परेशानी के बाबा श्याम के दिव्य दर्शन का पवित्र लाभ प्राप्त कर सकें।

जानिए कौन है बाबा श्याम

बाबा श्याम हारे का सहारा के रूप में जाने जाते हैं और उन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। महाभारत युद्ध के दौरान, भीम के पोते बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध करने वाले थे, तभी भगवान कृष्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण करके उनसे उनका सिर मांगा। बर्बरीक ने बिना किसी संकोच के अपना सिर अर्पित कर दिया। इससे प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम के रूप में की जाएगी और वे हारे हुए लोगों के सहारा बनेंगे। तभी से बाबा श्याम भक्तों के बीच हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते हैं। (एजेंसी)

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