भारत सरकार का बड़ा फैसला: कतर के पूर्व अमीर के सम्मान में राष्ट्रीय शोक घोषित,आधा झुका रहेगा तिरंगा
नई दिल्ली: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। भारत में 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा। पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें दूरदर्शी नेता बताया और कहा कि वे भारत के सच्चे मित्र बने रहे। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “कतर के पूर्व अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन से हम बेहद दुखी हैं। वे एक दूरदर्शी नेता थे।”उन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के उच्च स्तर तक पहुंचाया। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में याद करते हैं। इनसे मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य मिला था। उनकी आत्मा को अनंत शांति मिले। इसके अलावा संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के जल्द ही कतर जाकर भारत सरकार की ओर से शोक संदेश पहुंचाने की उम्मीद है।
दुनियाभर के नेताओं ने पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया
विश्वभर के नेताओं ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद ने भी कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। शरीफ ने शेख हमद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक महान नेता और राजनीतिज्ञ बताया।
यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद ने लिखा, “मेरे भाई शेख तमीम बिन हमद अल थानी और कतर में हमारे सभी भाइयों और बहनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। हमने अपने प्रिय पिता शेख अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को खो दिया है। यह हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उन्हें जन्नत में उच्च स्थान प्रदान करे। ईश्वर कतर के लोगों और उनके प्रियजनों को धैर्य और साहस प्रदान करे। हम सब ईश्वर के हैं। अंततः हम सब उसी के पास लौटेंगे।”
कौन थे शेख हमद?
ब्रिटेन में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, हमाद 1971 में कतर के सशस्त्र बलों में शामिल हो गए। एलन फ्रॉमहर्ज की पुस्तक, कतर ए मॉडर्न हिस्ट्री के अनुसार, बाद में उन्होंने 1995 में बिना किसी खून खराबे के जरिए तख्तापलट किया और सत्ता अपने हाथ में ले ली। (एजेंसी)

