झारखंड शराब घोटाला: पूर्व मंत्री Rameshwar Oraon के बेटे रोहित उरांव से ED की पूछताछ
Ranchi News: झारखंड में शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के हाई-प्रोफाइल मामले की जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इसी बीच, ED के दूसरे समन का जवाब देते हुए, पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव आज रांची में एजेंसी के जोनल ऑफिस पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में उनसे पूछताछ की। बताया जाता है कि रोहित उरांव कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर ED दफ्तर पहुंचे, जिनकी एजेंसी के अधिकारियों ने बारीकी से जांच की।
गौरतलब है कि ED ने झारखंड में कथित शराब घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए रोहित उरांव को दूसरा नोटिस जारी किया था। पहले समन पर पेश न हो पाने के बाद, रोहित उरांव आज दूसरे समन का पालन करते हुए रांची के हिनू इलाके में स्थित ED के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, उनके पहुंचने पर जांच अधिकारियों ने उनसे शराब के कारोबार से जुड़े संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन और निवेश के बारे में कई सवाल पूछे।
23 अगस्त 2023 की छापेमारी से जुड़े हैं तार
डरअसल रोहित उरांव पर ED की पकड़ अचानक नहीं कसी गई। इसकी तैयारी 2023 में ही शुरू हो गई थी। गौरतलब है कि 23 अगस्त 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था, जिसके तहत झारखंड के चार प्रमुख जिलों—रांची, दुमका, देवघर और गोड्डा—में लगभग 34 जगहों पर एक साथ सघन छापेमारी की गई थी। उस ऑपरेशन के दौरान, ED की टीमों ने रांची में कांग्रेस नेता डॉ. रामेश्वर उरांव के निजी आवास के साथ-साथ उनके बेटे रोहित उरांव के व्यावसायिक और निजी परिसरों की भी तलाशी ली थी।
ED का यह पूरा ऑपरेशन झारखंड में कथित शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि राज्य की नई आबकारी नीति और थोक शराब के कारोबार के आवंटन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं और इस सिंडिकेट के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध फंड का लेन-देन किया गया। छापों के दौरान मिले डिजिटल सबूतों और बैंक दस्तावेजों के आधार पर इस मामले में रोहित उरांव का नाम सामने आया।
दस्तावेजों के पुलंदे के साथ पहुंचे रोहित
मिली जानकारी के अनुसार, रोहित उरांव ED की पूछताछ के लिए एक बड़ा बैग और कई जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में उनके बैंक अकाउंट की जानकारी, इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी और कुछ कमर्शियल प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात शामिल हैं। ED अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या शराब घोटाले से कमाए गए गैर-कानूनी पैसे रोहित उरांव के अकाउंट या उनसे जुड़ी कंपनियों के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था।
झारखंड की सियासत पर पड़ेगा इस पूछताछ का असर
हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ का असर झारखंड के राजनीतिक गलियारों में साफ दिख रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डॉ. रामेश्वर उरांव कांग्रेस के एक बड़े नेता और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री हैं। नतीजतन, ED द्वारा उनके बेटे से की जा रही पूछताछ को राज्य की गठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी, दोनों के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। जहां विपक्षी BJP इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जरूरी कदम बता रही है, वहीं सत्ताधारी पक्ष इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करार देता है। (एजेंसी)

