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Sambit Patra WhatsApp Hack: भाजपा सांसद संबित पात्रा का WhatsApp अकाउंट हैक, लोगों से पैसे मांग रहा हैकर, खुद पोस्ट शेयर कर बयां किया दर्द!

Sambit Patra WhatsApp Hack: देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग ने अब सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से सांसद संबित पात्रा का है। संबित पात्रा का मोबाइल/व्हाट्सएप (WhatsApp) अकाउंट साइबर ठगों द्वारा हैक कर लिया गया है। हैकर उनके नंबर का इस्तेमाल कर लोगों से पैसों की मांग कर रहा है।

इस बेहद गंभीर घटना की जानकारी खुद सांसद संबित पात्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करके दी है।

सांसद संबित पात्रा ने जनता से की भावुक अपील

संबित पात्रा ने सोशल मीडिया पर सचेत करते हुए लिखा:

“मेरा WhatsApp नंबर हैक हो गया है। इसके बाद मेरे नंबर से लोगों को भ्रामक संदेश भेजे जा रहे हैं तथा विभिन्न माध्यमों से पैसों की मांग की जा रही है। कृपया ध्यान दें कि इस प्रकार के सभी संदेश पूर्णतः फर्जी एवं साइबर अपराध का हिस्सा हैं। उनका मुझसे कोई संबंध नहीं है।”

उन्होंने आगे बताया कि इस साइबर हमले की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है और मामले में आवश्यक कानूनी व तकनीकी कार्रवाई की जा रही है। संबित पात्रा ने अपील की है कि जब तक उनका अकाउंट पूरी तरह रिकवर नहीं हो जाता, तब तक उनके नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज, कॉल या आर्थिक लेन-देन के अनुरोध पर बिल्कुल भी भरोसा न करें और कोई धनराशि न भेजें।

व्हाट्सएप के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर बढ़ा विवाद; सरकार ने मेटा से मांगा जवाब

इस हाई-प्रोफाइल हैकिंग के बीच, व्हाट्सएप के आगामी ‘यूजरनेम’ (Username) फीचर को लेकर भी केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। भारत सरकार ने मेटा (Meta) को नोटिस जारी कर इस फीचर से होने वाले संभावित धोखे और प्रतिरूपण (Impersonation – किसी और का रूप धारण करना) के जोखिमों पर अपनी गहरी चिंता जताई है। सरकार ने साफ कहा है कि जब तक सरकार इस फीचर से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक इसे भारत में लागू नहीं किया जाना चाहिए।

मेटा (WhatsApp) ने FAQ जारी कर दी सफाई:

बढ़ते विवाद और सरकार के नोटिस के बाद व्हाट्सएप ने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की है:

क्या यूजरनेम जरूरी होगा?: नहीं, यह पूरी तरह से वैकल्पिक (Optional) होगा।

पहचान की चोरी कैसे रुकेगी?: व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि प्रसिद्ध हस्तियों, मशहूर हस्तियों और सरकारी संस्थाओं के यूजरनेम पहले से ही सुरक्षित (आरक्षित) रखे गए हैं, ताकि कोई और उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।

यूजरनेम की (Username Key) से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा: यह एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर है। यदि आप इसे चालू करते हैं, तो कोई भी अनजान व्यक्ति तब तक आपसे संपर्क नहीं कर पाएगा जब तक उसके पास आपका यूजरनेम और ‘यूजरनेम की’ दोनों न हो। इस की (Key) को कभी भी बदला जा सकता है।

सर्च नहीं किया जा सकेगा यूजरनेम: जिस तरह व्हाट्सएप पर किसी का फोन नंबर डायरेक्ट सर्च नहीं किया जा सकता, ठीक उसी तरह कोई अनजान व्यक्ति यूजरनेम भी सर्च नहीं कर पाएगा।

व्हाट्सएप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फीचर को अंतिम रूप से रोलआउट करने से पहले वे यूजर फीडबैक और सुरक्षा मानकों पर बारीकी से काम कर रहे हैं। हालांकि, संबित पात्रा के साथ हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद यूजर्स को हर वक्त बेहद सावधान रहने की जरूरत है।

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