अंबाला बोरवेल हादसा: 20 घंटे बाद निकाला गया 4 साल का निर्भय, जिंदगी की जंग हार गया
हरियाणा : अंबाला के धनोरा गांव में बोरवेल में गिरे चार वर्षीय निर्भय सिंह को मंगलवार रात करीब 3:30 बजे बाहर निकाला गया। बचाव अभियान में लगभग 20 घंटे लगे। उन्हें तुरंत अंबाला शहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. ऋषिपाल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चे के शव को अंबाला छावनी स्थित सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा।
पंजाब से बुलाई गई टीम
निर्भय के चाचा हरिंदर सिंह ने बताया कि आसपास के गांवों के लोगों, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने निर्भय को बचाने के लिए काफी मशक्कत की। जब वे सफल नहीं हुए, तो पंजाब से एक टीम बुलाई गई, जिसने उसे बचाया। निर्भय के चाचा ने कहा कि बोरवेल को खुला छोड़ना लापरवाही थी और उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सेना को बुलाया गया
बोरवेल की गहराई के कारण एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना को बुलाया गया। बचाव अभियान शुरू हुआ। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचे। आधुनिक उपकरणों की सहायता से बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। पूरा एक दिन बीत गया। फिर पंजाब से एक टीम ने बचाव कार्य शुरू किया। रात साढ़े तीन बजे बच्चे को बाहर निकाला गया।
बच्चे की मौत से गांव में शोक
धनौरा गांव समेत पूरे इलाके में मातम का माहौल छा गया है। लोग बच्चे की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करते रहे, लेकिन उसकी जान चली गई। बच्चे की मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। (एजेंसी)

