Sat. Jun 27th, 2026

वायरल वीडियो पर बवाल: हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप, कार्रवाई की मांग

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर रायपुर में बढ़ा विवाद। हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

 

रायपुर। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया है। वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक और भ्रामक दावे किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं से श्रेष्ठ बताया गया है। साथ ही भगवान शिव और भगवान विष्णु द्वारा ईसा मसीह को अपना पिता बताए जाने जैसे कथित दावे भी किए गए हैं। इन दावों को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।

 

वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद कई हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। संगठनों का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री समाज में भ्रम, वैमनस्य और धार्मिक तनाव पैदा करने का प्रयास है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक आस्थाओं को निशाना बनाकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

 

हिंदू संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वीडियो बनाने व प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि वे जल्द ही पुलिस के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे और पूरे मामले की गहन जांच की मांग करेंगे, ताकि यदि किसी ने जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।

 

इस मामले में श्री सुरेश्वर महादेव पीठ, रायपुर के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन ने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने अथवा समाज में तनाव फैलाने के उद्देश्य से इस तरह का वीडियो तैयार या प्रसारित किया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे आखिरी चेतावनी बताते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही वायरल वीडियो की सत्यता या उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

About The Author