युवा नेतृत्व पर कांग्रेस का फोकस, दीपक बैज के कार्यकाल के बाद नए चेहरे की तलाश
CG News: छत्तीसगढ़ में आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव समय के लिहाज से भले ही दूर लगें, लेकिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य में मुख्य विपक्षी दल की संगठनात्मक संरचना को सुव्यवस्थित और मजबूत करने की दिशा में राजनीतिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल आगामी नौ जुलाई को समाप्त होने जा रहा है। इसके मद्देनजर पार्टी के उच्च स्तर पर नए प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर अंदरूनी सुगबुगाहट और कयासों का दौर बेहद तेज हो गया है।

कांग्रेस युवा नेता को कमान सौंपने की तैयारी
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान इस बार संगठन की बागडोर किसी बेहद सक्रिय और युवा चेहरे को सौंपने पर विचार कर रही है। इस रणनीति की शुरुआत पिछले साल 25 नवंबर को हुई थी, जब राज्य की 41 जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों की सूची में लगभग 25 नए और युवा चेहरों को शामिल करके संगठन में एक बड़ा पीढ़ीगत बदलाव लाया गया था। अब पूरी संभावना है कि इस सफल रणनीति को राज्य स्तर पर भी दोहराया जाएगा।
इन प्रमुख नामों पर चर्चा
प्रदेशाध्यक्ष पद की रेस में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे आगे पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल का नाम बताया जा रहा है। उन्हें संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित चेहरा माना जाता है। इसके अलावा भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी तेजी से चर्चा में है। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऊर्जावान और जनाधार वाले युवा नेता के रूप में देखा जा रहा है।
टीएस सिंहदेव भी दौड़ में सक्रिय
राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव भी इस दौड़ में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने पहले भी सार्वजनिक रूप से राज्य अध्यक्ष बनने की इच्छा व्यक्त की है। वे सरगुजा, कोरबा और जांजगीर-चंपा जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अपना राजनीतिक आधार मजबूत कर रहे हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
छत्तीसगढ़ आ सकते हैं खरगे और राहुल गांधी
सूत्रों के मुताबिक, अभनपुर में 21 से 30 जून के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित होने की संभावना है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस शिविर के बाद संगठनात्मक बदलावों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है और छत्तीसगढ़ कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है।(एजेंसी)

