मणिपुर में असम राइफल्स के खिलाफ महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, कार्रवाई में 22 महिलाएं घायल
उखरुल जिले में सैन्य चौकी निर्माण के विरोध में सड़कों पर उतरीं तंगखुल महिलाएं, जमीन और अधिकारों को लेकर बढ़ा विवाद
इम्फाल: मणिपुर के उखरुल जिले के शोक्वाओ और न्यू हेवन क्षेत्र में रविवार सुबह असम राइफल्स और स्थानीय महिलाओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। तंगखुल नगा समुदाय की सैकड़ों महिलाओं ने सुरक्षा बलों के काफिले का विरोध करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया। महिलाओं के हाथों में मशालें और लाठियां थीं तथा वे “हमारी जमीन, हमारा अधिकार” के नारे लगा रही थीं।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने असम राइफल्स के वाहनों और जवानों को आगे बढ़ने से रोक दिया। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा बलों की ओर से चेतावनी दी गई, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने के बाद कार्रवाई की गई। इस दौरान 22 महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि असम राइफल्स के जवानों ने पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के बिना हवाई फायरिंग की, लाठीचार्ज किया और प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की। वहीं सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में जवानों ने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की थी। कुछ रिपोर्टों में एक प्रदर्शनकारी के पैर में गोली लगने की भी बात कही गई है।
क्यों हो रहा है विरोध?
सूत्रों के मुताबिक, शोक्वाओ गांव की महिलाओं ने शनिवार रात से ही न्यू हेवन की ओर बढ़ रहे सुरक्षा बलों के काफिले को रोक रखा था। रातभर तनाव बना रहा और रविवार सुबह विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। बताया जा रहा है कि एक समूह ने शोक्वाओ में सड़क अवरोध लगाया, जबकि दूसरे समूह ने न्यू हेवन में बने सुरक्षा बलों के एक अस्थायी बंकर को ध्वस्त कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि असम राइफल्स ने शोक्वाओ गांव की विलेज अथॉरिटी की अनुमति के बिना न्यू हेवन क्षेत्र में अस्थायी बंकर स्थापित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मणिपुर (हिल एरियाज विलेज अथॉरिटीज) एक्ट, 1956 और संविधान के अनुच्छेद 371C के तहत स्थानीय परंपरागत अधिकारों और कानूनों का उल्लंघन है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि असम राइफल्स को तत्काल वापस नहीं बुलाया गया और भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी सुरक्षा बलों की होगी।
कौन हैं तंगखुल महिलाएं?
तंगखुल नगा समुदाय उत्तर-पूर्व भारत के प्रमुख नगा समूहों में से एक है। यह समुदाय मुख्य रूप से मणिपुर के उखरुल और कामजोंग जिलों में निवास करता है, जबकि इसकी कुछ आबादी म्यांमार के सोमरा क्षेत्र में भी रहती है। तंगखुल समुदाय अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा, बुनाई कला, कृषि परंपराओं और सामुदायिक जीवन के लिए जाना जाता है। प्रदर्शन में शामिल अधिकांश महिलाएं स्थानीय समुदाय की सदस्य थीं, जो न्यू हेवन क्षेत्र में असम राइफल्स की चौकी या आउटपोस्ट बनाए जाने का विरोध कर रही हैं।

