Prayagraj Family Murder Mystery: करोड़ों की संपत्ति, डेढ़ करोड़ के गहने और 4 लाशें… 12 घंटे में खुली प्रयागराज हत्याकांड की पूरी कहानी
Prayagraj Family Murder Mystery: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। प्रयागराज पुलिस ने इस बेहद पेचीदा और खौफनाक तिहरे-चौहरे हत्याकांड का महज 12 घंटे के अंदर पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस के खुलासे के अनुसार, इस घिनौने अपराध का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि खुद परिवार का बड़ा बेटा था, जिसने अपने ही माता-पिता और बहन की जान ली। हालांकि, नियति का खेल ऐसा रहा कि वह खुद भी अपनी ही खौफनाक साजिश का शिकार हो गया और उसके अपने ही दोस्त ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
ऐसे हुआ शवों का बरामद होना और पुलिस का चकराना
मंगलवार की शाम को जब साउथ मलाका स्थित एक मकान से तेज दुर्गंध आने लगी, तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा तो अंदर तीन शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान करोड़पति कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता वैश्य (65) और बेटी मीनाक्षी वैश्य (45) के रूप में हुई।
इसके कुछ ही घंटों बाद, घर के नीचे बनी मार्केट की एक दुकान से वीरेंद्र के बड़े बेटे अभिषेक (40) का भी शव बरामद हुआ। पुलिस तब उलझ गई जब शव के पास एक गत्ते पर लाल पेन से लिखा हुआ था कि ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा है’।
संपत्ति विवाद और कर्ज के कारण रची गई खौफनाक साजिश
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मृतक वीरेंद्र वैश्य का बड़ा बेटा अभिषेक भारी कर्ज में डूबा हुआ था और उसका चाल-चलन ठीक नहीं था। इसी वजह से पिता उसे अपनी अकूत संपत्ति से बेदखल करने वाले थे। इसी बात से नाराज होकर अभिषेक ने अपने पिता के मकान में ही समोसे की दुकान चलाने वाले अपने पड़ोसी दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने और घर में रखे करोड़ों के जेवरात लूटने का प्लान बनाया।
क्राइम टाइमलाइन: 31 मई की शाम दोनों ने पहले साथ में कचौड़ी खाई और बीयर पी। इसके बाद शाम करीब पांच बजे जब अभिषेक की बहन मीनाक्षी दुकान खोलने नीचे आ रही थी, तो दोनों ने सीढ़ियों पर ही उसकी हत्या कर दी और लाश ऊपर घसीट ले गए। इसके बाद उन्होंने पलंग पर सो रहे बुजुर्ग माता-पिता की भी बेरहमी से हत्या कर दी और घर में रखे करीब डेढ़ करोड़ रुपये के आभूषण लूट लिए।
लालच और खौफ: जब दोस्त ने ही दोस्त को निपटा दिया
तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी घर के नीचे बनी दुकान में बैठकर लूटे गए सोने-चांदी के गहनों का बंटवारा करने लगे। इसी बीच दोनों में विवाद शुरू हो गया।
दोस्त सनी गुप्ता के मन में लालच और खौफ बैठ गया। उसने सोचा कि जो बेटा अपने सगे मां-बाप और बहन का नहीं हुआ, वह भला मेरा क्या सगा होगा। इसी डर में सनी ने लोहे के पाइप से हमला कर अपने दोस्त अभिषेक की भी बेरहमी से हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव पर डाला तेजाब
अभिषेक को मौत के घाट उतारने के बाद सनी ने उसकी पहचान मिटाने के लिए शव पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब (Acid) डाल दिया और फर्श से खून के धब्बे साफ कर दिए। पुलिस को भटकाने के लिए उसी ने गत्ते पर ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा’ लिखा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने 5 टीमों का गठन किया था। एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य की मुस्तैदी के कारण आरोपी सनी गुप्ता को उसके मुट्ठीगंज स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
भारी मात्रा में सोना-चांदी बरामद, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस ने हत्यारोपी सनी गुप्ता के पास से हत्या में इस्तेमाल लोहे का पाइप और लूटे गए आभूषण बरामद कर लिए हैं। बरामद किए गए आभूषणों में:
पीली धातु (सोना): 1002.12 ग्राम (लगभग 1 किलो)
सफेद धातु (चांदी): 360.26 ग्राम
नगदी
बरामद जेवरात की बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी इंचार्ज साउथ मलाका रोहित गौड़ और एसआई मुलायम सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
छोटा बेटा पहले से ही जेल में बंद
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक वीरेंद्र का छोटा बेटा अश्वनी वैश्य इन दिनों फ्रॉड के कई मुकदमों में कौशांबी जेल में बंद है। 12 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज केस का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को कमिश्नर ने 50 हजार रुपये का इनाम दिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी सनी गुप्ता ने मीडिया से कहा, “अभिषेक ने ही मुझे हत्या के लिए उकसाया था और बाद में वह मुझे हिस्सा देने से मुकर रहा था, इसलिए मैंने उसे मार डाला।”

